स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज लाल किले की प्राचीर से 13वीं बार तिरंगा फहराया। इस दौरान प्रधानमंत्री ने देश को संबोधित करते हुए विकसित भारत के लक्ष्य, युवाओं की AI स्किलिंग, महिला आरक्षण, आत्मनिर्भर भारत और नक्सलवाद समेत कई अहम मुद्दों पर अपनी बात रखी। हर साल की तरह इस बार भी प्रधानमंत्री मोदी का पहनावा चर्चा में रहा। उन्होंने गहरे लाल रंग की राजस्थानी पगड़ी पहनी, जिस पर पीले और सफेद रंग का बांधनी पैटर्न नजर आया। पिछले वर्षों में भी स्वतंत्रता दिवस पर PM मोदी की पगड़ियां आकर्षण का केंद्र रही हैं।

76 मिनट का संबोधन

लाल किले से प्रधानमंत्री मोदी ने करीब 76 मिनट तक देश को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ना होगा। इसके लिए देश की सोच और वर्क कल्चर में बदलाव की जरूरत है। प्रधानमंत्री ने कहा कि आने वाले वर्षों में उन कामों को तेजी से पूरा करना होगा, जो दशकों से लंबित हैं।
‘हथियारबंद नक्सल गए, दिमागी नक्सल मौजूद’

अपने भाषण में प्रधानमंत्री ने नक्सलवाद का मुद्दा उठाते हुए कहा कि हथियारबंद नक्सलवाद के खिलाफ देश ने बड़ी सफलता हासिल की है, लेकिन समाज को गुमराह करने वाली विचारधाराओं से अभी भी सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने युवाओं को ऐसी गतिविधियों से दूर रखने और देश के विकास से जोड़ने की बात कही।
एक साल में 1 करोड़ युवाओं को AI की ट्रेनिंग
प्रधानमंत्री ने युवाओं के लिए बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि सरकार अगले एक साल में 1 करोड़ युवाओं को AI स्किल्स की ट्रेनिंग देने की दिशा में काम करेगी। इसके साथ ही गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के विद्यार्थियों के लिए विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की फ्री ऑनलाइन कोचिंग की व्यवस्था शुरू करने की बात भी कही।
महिला आरक्षण लागू करने की अपील
PM मोदी ने लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं को 33% प्रतिनिधित्व देने की बात दोहराई। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से महिला आरक्षण लागू करने में सहयोग करने की अपील की। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की माताओं और बहनों को नीति निर्माण में अधिक भागीदारी मिलनी चाहिए और महिलाओं को उनका अधिकार मिलना समय की मांग है।
2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य

प्रधानमंत्री ने कहा कि 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाना है। उन्होंने कहा कि लक्ष्य हासिल करने के लिए देश को अपनी कार्यशैली और सोच में बदलाव करना होगा। उन्होंने कहा कि जो काम पिछले कई दशकों में नहीं हो पाए, उन्हें आने वाले वर्षों में तेजी से पूरा करने की जरूरत है।
आत्मनिर्भर भारत पर जोर
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को दूसरे देशों पर निर्भर रहकर आगे नहीं बढ़ना चाहिए। उन्होंने आत्मनिर्भरता को देश की ताकत बताते हुए कहा कि भारत को अपनी क्षमताओं और संसाधनों को मजबूत करना होगा। उन्होंने कहा कि दुनिया में कई चीजें सस्ती और आसानी से उपलब्ध हो सकती हैं, लेकिन देश की अपनी क्षमता विकसित करना भी जरूरी है।
ग्लोबलाइजेशन पर भी PM ने रखी बात
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में ग्लोबलाइजेशन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत लंबे समय से आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहा है और अब दुनिया भी बदलती परिस्थितियों के बीच आत्मनिर्भरता के महत्व को समझ रही है।
आपदाओं से निपटने के लिए बड़े संकल्प की जरूरत
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश को अब छोटे सपनों से काम नहीं चलाना चाहिए। बड़े सपने देखने और बड़े लक्ष्य तय करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि जब संकल्प मजबूत होता है, तो मुश्किल परिस्थितियों और आपदाओं के बीच से भी रास्ता निकालने की क्षमता पैदा होती है।
पहली बार लाल किले पर गाया गया ‘वंदे मातरम्’

स्वतंत्रता दिवस समारोह की शुरुआत में इस बार लाल किले पर ‘वंदे मातरम्’ का गायन भी हुआ। इसके बाद प्रधानमंत्री ने तिरंगा फहराया, राष्ट्रगान हुआ और 21 तोपों की सलामी दी गई। प्रधानमंत्री के संबोधन में युवाओं, महिलाओं, आत्मनिर्भरता और विकसित भारत के साथ राष्ट्रीय सुरक्षा और सामाजिक चुनौतियों पर भी जोर रहा। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले से दिया गया यह संबोधन देश के अगले विकास लक्ष्य और सरकार की प्राथमिकताओं का संदेश देने वाला रहा।