दिल्ली के जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल का 17वां दिन है। उनकी तबियत लगातार बिगड़ रही है। वजन 8.5kg कम हो गया है। अनशन शुरू होने पर वजन 67 किलो था। सोनम वांगचुक नीट पेपर लीक और परीक्षाओं में गड़बड़ी के मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर 28 जून से अनशन कर रहे हैं।
अनशन खत्म करने की अपील
सपा प्रमुख अखिलेश यादव, शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे, TMC सांसद महुआ मोइत्रा, एक्टर नसीरुद्दीन शाह, रत्ना पाठक शाह, राइटर अरुंधति रॉय समेत कई प्रमुख हस्तियों ने सोनम से अनशन खत्म करने की अपील की है। कॉकरोच जनता पार्टी ने कहा कि सरकार को वांगचुक की कोई चिंता नहीं है। CJP फाउंडर अभिजीत दीपके ने कहा सोनम वांगचुक की जान को खतरा है। सरकार को मांगों पर ध्यान देना चाहिए।

क्या बोले उद्धव ठाकरे?
पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे ने कहा हम, शिवसेना की ओर से सोनम वांगचुक और अभिजीत दीपके के आंदोलन को सपोर्ट देते हैं। दीपके से फोन पर बात कर सोनम वांगचुक से भूख हड़ताल खत्म करने की अपील की है। वहीं जीनत अमान ने कहा मैं भारत सरकार से बातचीत शुरू करने की अपील करती हूं। हमें ऐसा समाज नहीं बनना चाहिए, जो चुपचाप बैठकर अपने सबसे अच्छे दिमागों में से एक को बलिदान होते देखता रहे।
मी हात जोडून विनंती करतो, सोनम वांगचुकजी आपल्यासारखी माणसं देशाला हवी आहेत. हे सरकार असंवेदनशील आहे. आपल्यासारखी लोक राहिली काय किंवा राहिली नाही सरकारला काही फरक पडत नाही. तुमच्या बुद्धिमत्तेची देशाला गरज आहे, उपोषण सोडा!
— Office of Uddhav Thackeray (@OfficeofUT) July 13, 2026
• मा. श्री. उद्धवसाहेब ठाकरे, पक्षप्रमुख#पत्रकारपरिषद
170 दिन जेल में रहे सोनम
बता दे लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे सोनम 170 दिन तक जोधपुर जेल में रहे। उनके अनशन के दौरान 24 सितंबर 2025 को लेह में हिंसा हुई, जिसमें 4 लोगों की मौत और 90 लोग घायल हुए। सरकार ने हिंसा भड़काने का आरोप सोनम पर लगाया। इसके 2 दिन बाद, 26 सितंबर को उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत हिरासत में लेकर जोधपुर जेल भेज दिया गया।