भोपाल के नीलम पार्क में शिक्षक भर्ती 2025 के वर्ग-2 और वर्ग-3 में पदवृद्धि की मांग को लेकर अभ्यर्थियों का अनिश्चितकालीन आंदोलन जारी है। बड़ी संख्या में अभ्यर्थी भर्ती में अधिक पद शामिल करने की मांग को लेकर धरने पर बैठे हैं। आंदोलनकारियों का कहना है कि सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के कई पद खाली हैं, इसके बावजूद भर्ती प्रक्रिया में अपेक्षाकृत कम पद जारी किए गए हैं। अभ्यर्थियों ने सरकार से रिक्त पदों को भर्ती में शामिल कर पदों की संख्या बढ़ाने की मांग की है।
तीन दिन से अन्न-जल त्यागकर बैठे नरेंद्र राजपूत
आंदोलनकारियों के मुताबिक, अभ्यर्थी नरेंद्र राजपूत पिछले तीन दिनों से अन्न और पानी त्यागकर आंदोलन पर बैठे हैं। अभ्यर्थियों का दावा है कि आंदोलन लगातार आगे बढ़ रहा है और प्रदर्शनकारियों की संख्या भी बढ़ रही है। इसके बावजूद अब तक शासन की ओर से कोई प्रतिनिधि या अधिकारी बातचीत के लिए नीलम पार्क नहीं पहुंचा है। आंदोलनकारियों का कहना है कि सरकार की ओर से ठोस पहल नहीं होने के कारण अभ्यर्थियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
खाली पदों को भर्ती में शामिल करने की मांग
अभ्यर्थियों का कहना है कि मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी लंबे समय से बनी हुई है। कई स्कूलों में स्वीकृत पद खाली पड़े हैं, जिसका असर शिक्षा व्यवस्था पर भी पड़ रहा है। उनका तर्क है कि यदि इन रिक्त पदों को शिक्षक भर्ती 2025 में शामिल किया जाए तो सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर करने के साथ पात्र अभ्यर्थियों को रोजगार का अवसर भी मिल सकता है। इसी आधार पर आंदोलनकारी पदवृद्धि की मांग कर रहे हैं।
वर्ग-2 में 10 हजार, वर्ग-3 में 25 हजार पद बढ़ाने की मांग
अभ्यर्थियों की प्रमुख मांग है कि माध्यमिक शिक्षक भर्ती वर्ग-2 में कम से कम 10 हजार पद बढ़ाए जाएं। वहीं प्राथमिक शिक्षक भर्ती वर्ग-3 में पदों की संख्या बढ़ाकर कम से कम **25 हजार** करने की मांग की जा रही है। इसके अलावा आंदोलनकारी दूसरे चरण की चयन प्रक्रिया और काउंसलिंग जल्द शुरू करने की मांग भी उठा रहे हैं। वर्ग-3 में विशेष शिक्षक के बचे हुए रिक्त पदों को सामान्य अभ्यर्थियों के लिए उपलब्ध कराने की मांग भी प्रदर्शनकारियों ने की है।
कई महीनों से भोपाल में प्रदर्शन
शिक्षक भर्ती में पदवृद्धि की मांग को लेकर अभ्यर्थी पिछले कई महीनों से भोपाल में अलग-अलग चरणों में प्रदर्शन करते रहे हैं। आंदोलनकारियों का दावा है कि उन्होंने मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री, वित्त मंत्री और अन्य जनप्रतिनिधियों को कई बार ज्ञापन सौंपे हैं। उनका कहना है कि बार-बार मांग रखने के बावजूद अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं हुआ। इसी वजह से अब आंदोलन को अनिश्चितकालीन रूप दिया गया है। अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी है कि मांगों पर जल्द सकारात्मक फैसला नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
शिक्षकों की कमी का मुद्दा भी उठाया
आंदोलनकारियों का कहना है कि शिक्षक भर्ती में पदवृद्धि को केवल रोजगार से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। यह प्रदेश की सरकारी शिक्षा व्यवस्था से भी जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा है। उनका दावा है कि कई सरकारी स्कूल सीमित शिक्षकों के भरोसे संचालित हो रहे हैं और रिक्त पदों के कारण शिक्षण व्यवस्था प्रभावित हो रही है। ऐसे में सरकार को नई भर्ती में अधिक पद शामिल करने की दिशा में पहल करनी चाहिए। अभ्यर्थियों का कहना है कि रिक्त पदों पर भर्ती होने से स्कूलों को शिक्षक मिलेंगे और योग्य युवाओं को रोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे।
सरकार के जवाब का इंतजार
फिलहाल नीलम पार्क में अभ्यर्थियों का अनिश्चितकालीन आंदोलन जारी है और प्रदर्शनकारी सरकार की ओर से बातचीत या निर्णय का इंतजार कर रहे हैं। आंदोलनकारियों का कहना है कि वे अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे हैं और चाहते हैं कि शासन उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करे। अब देखना होगा कि सरकार की ओर से पदवृद्धि को लेकर क्या निर्णय लिया जाता है और क्या आंदोलनकारियों के साथ बातचीत के लिए कोई प्रतिनिधि भेजा जाता है।