भोपाल में टैक्सी यात्रियों के लिए बड़ी खबर है। सोमवार रात 12 बजे से शहर में करीब 3500 टैक्सियां चलना बंद हो सकती हैं। भोपाल टैक्सी चालक संघ और टैक्सी यूनियन कल्याण समिति के संयुक्त मोर्चे ने 18 अगस्त से हड़ताल पर जाने का ऐलान किया है। टैक्सी चालक एग्रीगेटर कंपनियों की कथित मनमानी, बढ़ते खर्च और किराए से जुड़ी समस्याओं को लेकर आंदोलन कर रहे हैं।
सरकार तय करे टैक्सियों का किराया
संयुक्त मोर्चे की सबसे प्रमुख मांग है कि टैक्सियों का किराया सरकारी स्तर पर निर्धारित किया जाए। भोपाल टैक्सी चालक संघ के महामंत्री राजेश कुमार नागले का कहना है कि मौजूदा किराए में ड्राइवरों के लिए ईंधन, वाहन की किस्त, रखरखाव, बीमा और परिवार का खर्च निकालना मुश्किल हो रहा है।
चालकों का कहना है कि सिर्फ किराया बढ़ाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि टैक्सी किराया तय करने की पूरी प्रणाली में बदलाव जरूरी है।
19 अगस्त को बोर्ड ऑफिस पर प्रदर्शन
संयुक्त मोर्चा 19 अगस्त को बोर्ड ऑफिस चौराहे पर धरना-प्रदर्शन करेगा। इसके बाद मुख्यमंत्री और परिवहन मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। संगठन ने कहा है कि आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से किया जाएगा।
सिर्फ 20-30% बढ़ोतरी से नहीं होगा समाधान
टैक्सी चालक संघ का कहना है कि केवल 20 या 30 प्रतिशत किराया बढ़ाने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा। ड्राइवरों के मुताबिक, वर्ष 2014 में एग्रीगेटर कंपनियों की किराया प्रणाली में बेस फेयर, टाइम चार्ज और प्रति किलोमीटर भुगतान शामिल था। अब कई मामलों में केवल दूरी के आधार पर भुगतान किया जाता है।
चालकों का कहना है कि ईंधन, वाहन रखरखाव, बीमा और अन्य खर्च लगातार बढ़ रहे हैं, इसलिए पुरानी किराया प्रणाली को फिर से लागू किया जाना चाहिए।
मांगें नहीं मानी तो अनिश्चितकालीन बंद
संयुक्त मोर्चे ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार और एग्रीगेटर कंपनियों ने जल्द समाधान नहीं निकाला तो आंदोलन को अनिश्चितकालीन बंद में बदला जा सकता है। ऐसे में आने वाले दिनों में भोपाल में टैक्सी सेवाएं प्रभावित होने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।