हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य में पर्यटन की असीम संभावनाएं हैं और सरकार इसे नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए व्यापक स्तर पर काम कर रही है। वाराणसी के होटल ताज में फेडरेशन ऑफ होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (FHRAI) के 56वें वार्षिकोत्सव में उन्होंने कहा कि हिमाचल को देश का प्रमुख पर्यटन गंतव्य बनाने के साथ कांगड़ा को ‘टूरिज्म कैपिटल ऑफ द स्टेट’ के रूप में विकसित किया जा रहा है।
सात दिन तक हिमाचल में ठहरेंगे पर्यटक
मुख्यमंत्री ने बताया कि 2025 में 3.11 करोड़ पर्यटक हिमाचल पहुंचे, जबकि जनवरी से जुलाई 2026 के बीच 1.06 करोड़ पर्यटक राज्य में आए। सरकार की योजना है कि पर्यटक कम से कम सात दिन हिमाचल में ठहरें। इसके लिए आध्यात्म, नेचर, वेलनेस और वाइल्डलाइफ टूरिज्म को बढ़ावा दिया जा रहा है।
सुक्खू ने कहा कि अगले साल सभी जिला मुख्यालयों को हेलीपैड से जोड़ दिया जाएगा। धर्मशाला एयरपोर्ट के विस्तार और अन्य हेली सेवाओं के लिए करीब 3,000 करोड़ रुपये के कार्य प्रस्तावित हैं। पांच हेलीपैड निर्माणाधीन हैं।
‘स्विट्जरलैंड से ज्यादा हिमाचल में स्नो एरिया’
मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल में स्विट्जरलैंड से ज्यादा स्नो एरिया है। राज्य में 24 ऐसे क्षेत्र हैं, जहां जून-जुलाई में भी बर्फ मौजूद रहती है। करीब 40 किलोमीटर क्षेत्र में लेक एरिया है। उन्होंने कहा कि शिमला, मनाली, धर्मशाला और अन्य प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों के साथ अब स्पीति समेत नए डेस्टिनेशन विकसित किए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि हिमाचल में 14,000 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है। निवेशकों को 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराने का भरोसा देते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में बड़े होटल समूह निवेश के लिए तैयार हैं।
24 घंटे खुले रहेंगे रेस्टोरेंट और बार
सुक्खू ने कहा कि हिमाचल में रेस्टोरेंट और बार 24 घंटे खुले रखने की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने कहा कि पर्यटकों को हर समय सुविधाएं मिलनी चाहिए। नशे में मिले पर्यटकों को थाने ले जाने के बजाय उनके होटल पहुंचाने की बात कहते हुए उन्होंने कहा कि इस बयान पर उन्हें ट्रोल भी किया गया, लेकिन इससे उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता।
स्वास्थ्य, वाइल्डलाइफ और कनेक्टिविटी पर जोर
मुख्यमंत्री ने बताया कि स्वास्थ्य क्षेत्र में 5,000 करोड़ रुपये निवेश किए जा रहे हैं, जबकि ओल्ड एज होम के लिए 250 करोड़ रुपये खर्च होंगे। शिमला में यातायात सुधार और शिमला-मनाली मार्ग को फोरलेन बनाने का काम भी जारी है। वाइल्डलाइफ क्षेत्र में 600 करोड़ रुपये निवेश किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि GST के कारण प्रदेश को करीब 4,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। हिमाचल में देश की लगभग 35 प्रतिशत फार्मा कंपनियां होने के बावजूद इसका अपेक्षित लाभ राज्य को नहीं मिल रहा है।
‘साफ हवा और पानी हिमाचल की ताकत’
सुक्खू ने कहा कि हिमाचल उत्तर भारत के कई राज्यों को साफ हवा और पानी उपलब्ध कराता है। उन्होंने कहा कि हरियाणा, राजस्थान, पंजाब और दिल्ली को हिमाचल से पानी मिलता है। भविष्य में दिल्ली और गुरुग्राम जल संकट का सामना कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार प्राकृतिक खेती और ‘नेचर टूरिज्म’ को बढ़ावा दे रही है। UAE ने हिमाचल में पालम सिटी बनाने में रुचि दिखाई है, जबकि प्रदेश सरकार एयरो सिटी विकसित कर रही है। उन्होंने कहा कि फ्लाइट और एयर बस सेवाएं बढ़ाने की दिशा में भी काम हो रहा है।