कान्हा में सीडीवी का बढ़ता खतरा

कान्हा टाइगर रिजर्व में बढ़ा सीडीवी का खतरा, बाघों की मौत के बाद कुत्तों के वैक्सीनेशन में जुटा वन विभाग

कान्हा टाइगर रिजर्व में सीडीवी के कारण बाघों की मौतें बढ़ीं। वन विभाग ने कुत्तों के व्यापक वैक्सीनेशन के लिए विशेष अभियान शुरू किया।

By : नरेंद्र सिंह
कान्हा टाइगर रिजर्व में बढ़ा सीडीवी का खतरा, बाघों की मौत के बाद कुत्तों के वैक्सीनेशन में जुटा वन विभाग

 मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध कान्हा टाइगर रिजर्व में कैनाइन डिस्टेंपर वायरस (CDV) वन्यजीवों के लिए गंभीर चुनौती बनकर उभरा है। हाल ही में एक और बाघ की मौत के बाद इस वर्ष वायरस से जान गंवाने वाले बाघों की संख्या बढ़कर आठ हो गई है। लगातार बढ़ते संक्रमण ने वन विभाग और वन्यजीव विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा दी है।

सीडीवी संक्रमण रोकने के लिए शुरू हुआ विशेष अभियान

संक्रमण की श्रृंखला तोड़ने के लिए वन विभाग ने कान्हा टाइगर रिजर्व से लगे गांवों और बस्तियों में बड़े पैमाने पर कुत्तों के वैक्सीनेशन का अभियान शुरू किया है। अब तक हजारों कुत्तों को टीके लगाए जा चुके हैं और शेष पशुओं को भी जल्द कवर करने की तैयारी की जा रही है।वन अधिकारियों का मानना है कि यदि समय रहते कुत्तों में संक्रमण पर नियंत्रण नहीं किया गया तो यह वायरस बाघों, तेंदुओं और अन्य मांसाहारी वन्यजीवों के लिए बड़ा खतरा बन सकता है।

कैसे फैलता है कैनाइन डिस्टेंपर वायरस?

कैनाइन डिस्टेंपर वायरस (CDV) एक अत्यंत संक्रामक वायरल बीमारी है, जो मुख्य रूप से कुत्तों में पाई जाती है। जंगलों से सटे गांवों में रहने वाले बिना टीकाकरण वाले कुत्ते इस वायरस के प्रमुख वाहक माने जाते हैं।

संक्रमण का चक्र

  • संक्रमित कुत्तों में वायरस विकसित होता है।

  • ये कुत्ते जंगल के आसपास घूमते हैं और अन्य जानवरों के संपर्क में आते हैं।

  • बाघ, तेंदुआ या अन्य शिकारी वन्यजीव संक्रमित कुत्तों या उनके संपर्क में आए शिकार को खाते हैं।

  • इसके बाद वायरस वन्यजीवों के शरीर में पहुंचकर गंभीर संक्रमण पैदा करता है।

वन्यजीव संरक्षण के लिए बढ़ी चिंता

वर्ष 2026 में कान्हा टाइगर रिजर्व के लिए सीडीवी सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक बनकर सामने आया है। लगातार बाघों की मौत ने संरक्षण प्रयासों पर सवाल खड़े किए हैं और वन विभाग को अतिरिक्त सतर्कता बरतने के लिए मजबूर किया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मध्य प्रदेश के अन्य प्रमुख टाइगर रिजर्वों में भी कुत्तों के टीकाकरण अभियान को तेज कर दिया गया है ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।

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