पंजाब में विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी संगठन को मजबूत करने में जुटी है। इसी क्रम में पार्टी को बड़ा समर्थन मिला है। गढ़वाल समाज से जुड़े 250 से अधिक नेताओं और सदस्यों ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। इनमें पंजाब के अलग-अलग जिलों और विधानसभा क्षेत्रों से जुड़े लोग शामिल हैं।
खरड़, मोहाली और डेराबस्सी से जुड़े लोग भाजपा में शामिल
पंजाब भाजपा कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान खरड़, मोहाली और डेराबस्सी विधानसभा क्षेत्रों से संबंधित गढ़वाल सभाओं के पदाधिकारी और सदस्यों ने भाजपा का दामन थामा। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के.एस. ढिल्लों ने सभी नए सदस्यों को पार्टी में शामिल कराया। इस दौरान पार्टी नेताओं ने आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर संगठन की मजबूती पर भी चर्चा की।
भाजपा अध्यक्ष ने AAP और कांग्रेस पर साधा निशाना
कार्यक्रम में पंजाब भाजपा अध्यक्ष के.एस. ढिल्लों ने आम आदमी पार्टी और कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पंजाब में भाजपा का परिवार लगातार बढ़ रहा है। उनके मुताबिक, राज्य की जनता AAP, कांग्रेस और अकाली दल की सरकारों को देख चुकी है और अब भाजपा को मौका देने का मन बना रही है।
मोदी सरकार की नीतियों का दिया हवाला
के.एस. ढिल्लों ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की जनहितैषी योजनाओं और नीतियों से समाज के विभिन्न वर्ग प्रभावित हुए हैं। उन्होंने दावा किया कि इसी वजह से लगातार अलग-अलग समुदायों के लोग भाजपा के साथ जुड़ रहे हैं। पार्टी का लक्ष्य पंजाब में अपना संगठनात्मक आधार और मजबूत करना है।
गढ़वाल सभाओं के प्रमुख पदाधिकारी भी हुए शामिल
भाजपा में शामिल होने वालों में खरड़ गढ़वाल सभा के अध्यक्ष सुरेश शास्त्री, नया गांव गढ़वाल सभा के अध्यक्ष गब्बर सिंह, उपाध्यक्ष गणेश बर्थवाल और डेराबस्सी गढ़वाल सभा के अध्यक्ष इंद्रमणि समेत करीब 250 लोग शामिल रहे।
मोदी की गारंटी और विकास से प्रभावित होने का दावा
नए सदस्यों ने कहा कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी, देश के विकास और भाजपा की नीतियों से प्रभावित होकर पार्टी में शामिल हुए हैं। उन्होंने भाजपा के साथ मिलकर पंजाब के विकास और संगठन को मजबूत करने की बात कही।
चुनाव से पहले भाजपा के लिए बढ़ी उम्मीद
गढ़वाल समाज के इतने बड़े समूह के भाजपा में शामिल होने को विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी के लिए महत्वपूर्ण समर्थन के तौर पर देखा जा रहा है। भाजपा अब नए सदस्यों के जरिए अलग-अलग क्षेत्रों में अपना जनसंपर्क बढ़ाने और संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने की रणनीति पर आगे बढ़ सकती है।