झारखंड की राजधानी रांची समेत राज्य के कई हिस्सों में शुक्रवार शाम उस समय तनाव की स्थिति पैदा हो गई, जब प्रदर्शनकारी छात्रों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के पुतले फूंकने की कोशिश की। इस दौरान छात्रों और पुलिस के बीच झड़प हो गई।
हजारीबाग और गिरिडीह में भी इसी तरह की घटनाएं सामने आईं, जहां पुतला फूंकने की कोशिश कर रहे छात्रों का सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के कार्यकर्ताओं से टकराव हुआ।
अल्बर्ट चौक पर बदला मार्च का रास्ता
‘JPSC-JSSC Reforms Manch’ के बैनर तले बड़ी संख्या में छात्र रांची के प्रमुख अल्बर्ट चौक पर जुटे थे। पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने निर्धारित मार्ग का पालन नहीं किया और मार्च को JPSC कार्यालय की ओर ले गए, जिससे इलाके में यातायात बाधित हो गया।
रांची के DSP KV Raman ने बताया कि पुलिस ने छात्रों से निर्धारित मार्ग पर चलने की बार-बार अपील की, लेकिन उन्होंने इसे नहीं माना। उनके अनुसार, इसके बाद स्थिति बिगड़ी और छात्रों तथा पुलिस के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई। मौके पर JMM के कार्यकर्ता भी मौजूद थे।
छात्रों ने पुलिस और JMM पर लगाए आरोप
प्रदर्शनकारी छात्रों ने आरोप लगाया कि पुलिस और सत्तारूढ़ JMM के कार्यकर्ताओं ने उन्हें शांतिपूर्ण मार्च निकालने से रोकने की कोशिश की। JPSC-JSSC Reforms Manch के नेता रविंद्र पासवान ने कहा कि उन्हें शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन करने से नहीं रोका जा सकता।
एक अन्य छात्र नेता पीयूष कुमार सिंह ने दावा किया कि मंच की कोर कमेटी के सदस्य कुणाल को पुलिस ने हिरासत में लिया था। उन्होंने बताया कि कुणाल बाद में बेहोश हो गए, जिसके बाद उन्हें सदर अस्पताल ले जाया गया। प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि झड़प के दौरान महिला प्रदर्शनकारियों के साथ भी मारपीट की गई।
भर्ती परीक्षाओं को लेकर फिर भड़का असंतोष
छात्र नेताओं का आरोप है कि झारखंड सरकार ने नौकरी के अभ्यर्थियों को ‘धोखा’ दिया है। यह विवाद उन भर्ती परीक्षाओं से जुड़ा है, जिनमें कथित अनियमितताओं के बाद नियुक्तियां रद्द करने के सरकारी फैसलों को झारखंड हाई कोर्ट में चुनौती दी गई है।
शुक्रवार को हाई कोर्ट ने CDPO और JSSC-CGL के जरिए हुई नियुक्तियों को रद्द करने संबंधी अधिसूचनाओं पर रोक लगा दी। इससे एक दिन पहले अदालत ने 11वीं और 13वीं JPSC परीक्षाओं को रद्द करने संबंधी अधिसूचनाओं पर भी रोक लगाई थी। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की नियुक्तियां रद्द करने के आदेश पर भी अदालत ने रोक लगा दी थी।
24 अगस्त से ‘Recruitment System Reforms Yatra’
इस बीच JLKM नेता देवेंद्र नाथ महतो ने 24 अगस्त से ‘Recruitment System Reforms Yatra’ शुरू करने की घोषणा की है। उन्होंने आरोप लगाया कि भर्ती परीक्षाओं से जुड़े मामलों में झारखंड सरकार हाई कोर्ट के समक्ष मजबूती से अपना पक्ष नहीं रख रही है।
महतो ने चेतावनी दी कि यदि 15 सितंबर को होने वाली सुनवाई के दौरान सरकार ने प्रभावी ढंग से अपना पक्ष नहीं रखा, तो मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने की योजना बनाई जाएगी।