उत्तराखंड सरकार 4 जुलाई से एक बार फिर 'जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार' अभियान की शुरुआत करने जा रही है। CM पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर 15 दिनों तक चलने वाले इस विशेष अभियान के तहत जिला, ब्लॉक और तहसील स्तर पर शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों में विभिन्न विभागों के अधिकारी मौके पर ही लोगों की शिकायतें सुनकर उनका समाधान करेंगे और सरकारी योजनाओं का लाभ भी उपलब्ध कराएंगे।
CM के निर्देश पर फिर शुरू होगा अभियान
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार का उद्देश्य लोगों को छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने से बचाना है। इसी सोच के तहत अधिकारी और कर्मचारी खुद लोगों के बीच पहुंचकर उनकी शिकायतों का निस्तारण करेंगे। मुख्यमंत्री धामी के कार्यकाल के 5 वर्ष पूरे होने के अवसर पर सेवा पखवाड़ा के तहत 4 जुलाई से यह अभियान दोबारा शुरू किया जा रहा है।
प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ अंतिम छोर पर खड़े प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचाने के उद्देश्य से आगामी 04 जुलाई से पूरे प्रदेश में 15 दिनों तक "जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार"( सेवा पखवाड़ा) के द्वितीय चरण का शुभारंभ किया जाएगा।
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) June 30, 2026
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विशेष शिविर का आयोजन
इस अभियान के तहत प्रदेश के सभी जिलों, ब्लॉकों और तहसीलों में विशेष शिविर लगाए जाएंगे। इनमें विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहेंगे, जो जन शिकायतों का समाधान करेंगे। साथ ही पात्र लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ भी उपलब्ध कराया जाएगा। CM ने बताया कि दिसंबर में चलाए गए 45 दिवसीय 'जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार' अभियान के तहत प्रदेशभर में 681 शिविर आयोजित किए गए थे। इनमें 5,33,452 लोगों ने प्रत्यक्ष रूप से भाग लिया। इस दौरान करीब 33000 जन शिकायतों का त्वरित समाधान किया गया। इस पहल को सुशासन की एक बेहतर कार्यप्रणाली के रूप में भी सराहा गया।