मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाथरस में 548 करोड़ की 143 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने जनता को संबोधित करते हुए खासतौर पर मुहर्रम का जिक्र किया। CM ने कहा कि इस बार राज्य में करीब 12 हजार मोहर्रम जुलूस निकले, लेकिन कहीं भी दंगा, पथराव या कर्फ्यू जैसे हालात नहीं बने। उन्होंने कहा कि पहले कुछ लोग दूसरों के घरों के सामने ढोल-ताशे बजाकर माहौल खराब करते थे, लेकिन अब यह सब बंद हो गया है और सभी धार्मिक आयोजन शांति के साथ संपन्न हो रहे हैं।
अब मुहर्रम के नाम पर सड़कों पर उपद्रव नहीं होता है...
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) June 28, 2026
ढोल और ताशा बजाकर होने वाला 'तमाशा' बंद हुआ है... pic.twitter.com/Gj0ATXHwFd
550 करोड़ रुपए की विकास परियोजनाएं
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि वह हाथरस की तीनों विधानसभा क्षेत्रों—हाथरस, सादाबाद और सिकंदराराऊ—के लिए करीब 550 करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं का उपहार देने के लिए विशेष रूप से आए। CM ने इसके लिए हाथरस जनपद के सभी नागरिकों और जनप्रतिनिधियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि विकास तभी संभव है, जब सुरक्षा का बेहतर माहौल मिले। जहां सुरक्षा नहीं होती, जहां दंगे और अराजकता का माहौल होता है, वहां विकास और उज्ज्वल भविष्य की कल्पना भी नहीं की जा सकती।
अखिलेश पर पलटवार
मुख्यमंत्री योगी ने अयोध्या को धार्मिक नगरी बनाने संबंधी अखिलेश यादव के बयान पर पलटवार करते हुए रामलला के दर्शन करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि जिनकी सरकार में रामभक्तों पर गोलियां चलीं, वे आज अयोध्या की बात कर रहे हैं। समाजवादी पार्टी की सरकार में जेलों में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का आयोजन बंद करा दिया गया और कांवड़ यात्रा पर भी रोक लगाई गई। पहले सरकारें मंदिरों की जगह कब्रिस्तानों की बाउंड्री पर ज्यादा पैसा खर्च करती थीं, जबकि BJP सरकार धार्मिक स्थलों के विकास को प्राथमिकता दे रही है।
अखिलेश जी,
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) June 28, 2026
आप अयोध्या की चिंता मत करिए, पश्चाताप करिए। एक बार प्रभु श्री रामलला का दर्शन कर लीजिए। कम से कम इसी से सद्बुद्धि आएगी...
आइए, खुलकर बोलिए कि श्री राम जन्मभूमि मुक्ति के आंदोलन की तर्ज पर ही श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति का भी अभियान चलना चाहिए... pic.twitter.com/eoZEY6ze2P