Monday, November 10, 2025

इज़तिमा की पहचान भोपाल इज़तिमा, अमन और भाईचारे का सबसे बड़ा जलसा

Editor Name: NATION MIRROR

भोपाल का गौरव दुनिया का सबसे बड़ा इज़तिमा, जहाँ लाखों लोग अमन और एकता का पैगाम लेकर जुटते हैं।

शुरुआत 1949 में सिर्फ 14 लोगों से, 1949 में मस्जिद शकूर खान से मौलाना मिस्किन साहब ने इसकी नींव रखी थी

ताजुल मस्जिद का दौर इज़तिमा ताजुल मस्जिद से, बढ़ती भीड़ के चलते इंटखेड़ी में शिफ्ट किया गया . 

अंतरराष्ट्रीय भागीदारी इस बार आयोजन में सऊदी, श्रीलंका, नेपाल, इंडोनेशिया, अफ्रीका से मेहमान आएंगे।

असली मकसद सिर्फ धार्मिक कार्यक्रम नहीं, भाईचारे, सादगी और इंसानियत का संदेश देने वाला उत्सव है।

क्यों खास है? विश्व में पाकिस्तान और बांग्लादेश के बाद तीसरा स्थान भोपाल ही हैं।