किस दिन धारण करें हाथ में काला धागा? जानिए इसके सही नियम
Rules for Wearing a Black Thread:काला धागा शनि, राहु-केतु और भैरव बाबा से जुड़ा माना जाता है। इसे मुख्य रूप से बुरी नजर, नकारात्मक ऊर्जा और जीवन की बाधाओं से बचाव के लिए पहना जाता है। ज्योतिष शास्त्र और लोक मान्यताओं के अनुसार, सही विधि से पहनने पर यह धागा सकारात्मक परिणाम देता है। नीचे विस्तार से जानें काला धागा बांधने के नियम।
क्यों बांधा जाता है काला धागा?
काला धागा नकारात्मक ऊर्जा को सोख लेता है, जिससे पहनने वाले व्यक्ति पर बुरी नजर और नेगेटिव प्रभाव नहीं पड़ता। यह शनि ग्रह के अशुभ प्रभाव, राहु-केतु दोष और विभिन्न जीवन समस्याओं को कम करने में सहायक होता है। कई लोग इसे स्वास्थ्य, तरक्की और बाधा मुक्ति के लिए भी धारण करते हैं।
काला धागा किस हाथ में बांधना चाहिए?
काला धागा दाएं हाथ (सीधे हाथ) की कलाई पर बांधना सबसे उत्तम माना जाता है। इससे बिगड़े काम बनने लगते हैं, बाधाएं दूर होती हैं और जीवन में तरक्की के नए रास्ते खुलते हैं। सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है और आने वाली समस्याएं कम हो जाती हैं।
नजर दोष से बचाव के लिए
नजर दोष से बचने के लिए अभिमंत्रित या शनिवार को शनिदेव की पूजा में इस्तेमाल किया गया काला धागा ही पहनना चाहिए। अगर कलाई पर बांधना संभव न हो तो गले में भी धारण किया जा सकता है।
वैष्णो देवी मंदिर से भैरो बाबा का काला धागा लाकर पहनना भी अत्यंत शुभ माना जाता है। यदि संभव हो तो अभिजीत मुहूर्त या ब्रह्म मुहूर्त में धारण करें।
काला धागा हाथ में कितनी बार लपेटें?
1. धागे को 2, 4, 6 या 8 बार लपेटना उचित है। 2. पहले इसमें 9 गांठें अवश्य बांधें। 3. ध्यान रखें कि जिस हाथ में काला धागा बांध रहे हैं, उसमें लाल या पीला धागा पहले से न बंधा हो। 4. मुख्य मंत्र: “ॐ शं शनैश्चराय नमः” — कम से कम 21 या 108 बार जपें।