मानसून के दौरान बढ़ती नमी से दीमक का खतरा बढ़ जाता

मानसून में दीमक से बचने के लिए अपनाएं ये घरेलू उपाय!

मानसून में दीमक से बचने के लिए अपनाएं ये घरेलू उपाय
Home Remedy Termite Control: मानसून में बढ़ती नमी और सीलन दीमक के लिए अनुकूल माहौल तैयार करती है। लकड़ी के फर्नीचर, दरवाजे, खिड़कियां और यहां तक कि दीवारें भी कुछ ही दिनों में दीमक की भेंट चढ़ सकती हैं। महंगे केमिकल ट्रीटमेंट और एंटी-टर्माइट सर्विस की जगह अब घरेलू और सुरक्षित उपाय अपनाकर दीमक पर नियंत्रण पाया जा सकता है

क्यों लगती हैं दीमक?

नमी के अलावा अनियमित सफाई और रखरखाव की कमी दीमक को बढ़ावा देती है। दीमक लकड़ी को अंदर से खोखला कर देती है, जिससे फर्नीचर जल्दी कमजोर हो जाता है। इसलिए नमी कम करना और नियमित सफाई सबसे जरूरी है।

सबसे पहले करें ये काम

दीमक नमी पसंद करती है, इसलिए संक्रमित लकड़ी के फर्नीचर को खुली जगह पर कम से कम 3-4 दिन अच्छी धूप दिखाएं। इससे न सिर्फ दीमक बल्कि फफूंदी और अन्य कीड़े भी मर जाते हैं।

सावधान - सीधी तेज धूप की बजाय हल्के कपड़े से ढककर रखें, ताकि पॉलिश या रंग खराब न हो।

नींबू और सिरका का असरदार घोल

नींबू का रस और सिरका (विनेगर) दोनों एसिडिक होते हैं, जो दीमक के लिए घातक हैं। दोनों को बराबर मात्रा में मिलाकर घोल तैयार करें। दीमक वाली जगहों पर रोजाना या एक दिन छोड़कर लगाएं। कुछ दिनों के नियमित इस्तेमाल से दीमक धीरे-धीरे खत्म हो जाती है।

नीम का तेल – प्रकृति का कीटनाशक

नीम का तेल दीमक भगाने का बेहतरीन प्राकृतिक उपाय है। नीम के तेल में कुछ बूंदें टी-ट्री ऑयल मिलाएं। मिश्रण को स्प्रे बोतल में भरकर प्रभावित जगह पर छिड़कें। यह दीमक को मारने के साथ-साथ नई कॉलोनी बनने से भी रोकता है।

बोरिक एसिड आएगा काम

मार्केट में बोरिक एसिड आसानी से मिल जाता है। इसे पानी में घोलकर एक डिब्बे में भर लें और उन जगहों पर डालें जहां दीमक लगी हुई है। इससे धीरे-धीरे दीमक अपना स्थान छोड़ देगा। रोजाना आपको इसका छिड़काव करना है।