बेंगलुरु में VIP मूवमेंट: प्रेगनेंट पत्नी के साथ ट्राफिक में फंसा पति सड़क पर बैठा
कभी-कभी VIP मुवमेंट लोगों के लिए परेशानी का कारण बन जाता है। बेंगलुरु तो वैसे भी अपने ट्राफिक के लिए देशभर में मशहूर है..सोचिए अगर कोई अपनी प्रेगनेंट पत्नी के साथ कही जा रहा हो और VIP मुवमेंट के चलते घंटों बीच सड़क पर रोक दिया जाए तो क्या हो। एक शख्स के साथ भी ऐसा ही हुआ।
सड़क पर बैठा शख्स
बेंगलुरु के ओल्ड एयरपोर्ट रोड से राज्यपाल थावर चंद गहलोत का काफिला गुजरने वाला था, इसलिए ट्रैफिक को रोका गया था। इसमें एक आदमी अपनी प्रेगनेंट पत्नी के साथ यात्रा कर रहा था। VVIP मूवमेंट के लिए लागू ज़ीरो-ट्रैफिक प्रोटोकॉल के कारण वह परेशान हो गया। वो अपनी गाड़ी से उतरा और बीच सड़क पर बैठ गया। जिस रास्ते से राज्यपाल का काफिला गुजरना था, वहां बीच सड़क शख्स को बैठे देखे ट्रैफिक पुलिस के होश उड़ गए. ट्रैफिक पुलिस के जवान उसे हटाने के लिए पहुंचे. तब दोनों के बीच थोड़ी बहस भी हुई.
प्रेग्नेंट पत्नी परेशान
शख्स का कहना था कि कार में उसकी प्रेग्नेंट पत्नी परेशान हो रही है. बेंगलुरु ट्रैफिक पुलिस ने घरने पर बैठे युवक को मनाने की कोशिश की, उसे वैकल्पिक व्यवस्था देने का ऑफर भी दिया। मगर युवक अड़ा रहा। काफी देर बाद शख्स को सड़क से हटाया गया, तब जाकर ट्रैफिक क्लियर हो पाया।
मंत्री पर भड़की महिला
ऐसा ही एक मामला मुंबई से सामने आया था। बीजेपी कार्यकर्ताओं के साथ विरोध-प्रदर्शन कर रहे मंत्री गिरिश महाजन को एक महिला के गुस्से का सामना करना पड़ा था. महिला अपने बच्चे को लेने जा रही थी. लेकिन सड़क पर हो रहे विरोध-प्रदर्शन के कारण उसकी गाड़ी काफी देर तक जाम में फंसी रही. जिसके बाद वो बुरी तरह से भड़क उठी थी, महिला ने मंत्री गिरिश महाजन और पुलिस को खूब सुनाया। जिसका वीडियो भी सामने आया।
आम जनता परेशान
कई बड़े शहरों में VIP मूवमेंट के नाम पर आम लोगों को काफी परेशानी होती है. खासकर सुबह के पीक आवर में जिस वक्त लोग ऑफिस, अस्पताल या जरूरी काम से जा रहे होते हैं, तब भी अचानक रोड ब्लाक कर दी जाती है. कई बार प्रेग्नेंट महिलाएं, बीमार लोग या एंबुलेंस भी जाम में फंस जाती है. लोगों का मानना है कि सुरक्षा जरूरी है, लेकिन आम आदमी की जिंदगी की भी वैल्यू समझी जानी चाहिए.