सिपरी की रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने मई 2025 में पा

भारत ने तोड़ी पाकिस्तान की ‘परमाणु ब्लैकमेलिंग’ की धार? सिपरी रिपोर्ट में ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख

AI इमेज

दक्षिण एशिया की रणनीतिक सुरक्षा व्यवस्था में भारत की स्थिति को लेकर एक महत्वपूर्ण चर्चा उस समय तेज हो गई, जब वैश्विक रक्षा और हथियार नियंत्रण पर नजर रखने वाली संस्था Stockholm International Peace Research Institute (सिपरी) की इयरबुक 2026 में भारत-पाकिस्तान के बीच मई 2025 में हुए सैन्य टकराव और ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख किया गया। रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने पाकिस्तान के उन सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया जो उसकी रणनीतिक और मिसाइल क्षमता से जुड़े माने जाते हैं।

ऑपरेशन सिंदूर को बताया बड़ा सैन्य टकराव

सिपरी की रिपोर्ट के मुताबिक, मई 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत द्वारा शुरू किया गया ऑपरेशन सिंदूर हाल के दशकों में भारत और पाकिस्तान के बीच सबसे महत्वपूर्ण सैन्य अभियानों में से एक माना गया। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीय सैन्य कार्रवाई ने पाकिस्तान के उस सुरक्षा तंत्र को चुनौती दी, जिसके तहत वह लंबे समय से अपनी परमाणु क्षमता को एक प्रतिरोधक ढाल के रूप में प्रस्तुत करता रहा है।रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि भारतीय हमलों का दायरा केवल सीमावर्ती क्षेत्रों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कुछ ऐसे सैन्य ठिकानों तक पहुंचा जिन्हें पाकिस्तान की रणनीतिक क्षमताओं से जुड़ा माना जाता है।

रणनीतिक ठिकानों पर हमले का दावा

रिपोर्ट में पाकिस्तान के कुछ प्रमुख एयरबेस और मिसाइल प्रतिष्ठानों का जिक्र किया गया है। इनमें कथित तौर पर किराना पहाड़ी क्षेत्र और नूर खान एयरबेस जैसे ठिकाने शामिल हैं, जिन्हें विश्लेषक पाकिस्तान की सामरिक संरचना के लिए महत्वपूर्ण मानते हैं।विशेषज्ञों का मानना है कि यदि किसी देश की रणनीतिक संपत्तियों के निकट सैन्य कार्रवाई होती है और उसके बावजूद परमाणु प्रतिक्रिया नहीं आती, तो इससे क्षेत्रीय प्रतिरोधक संतुलन की पारंपरिक धारणाओं पर असर पड़ सकता है।

परमाणु हथियारों की संख्या में भारत आगे

सिपरी द्वारा जारी जनवरी 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार भारत और पाकिस्तान दोनों ने अपने परमाणु कार्यक्रमों का विस्तार जारी रखा है।

देश

अनुमानित परमाणु वॉरहेड्स (जनवरी 2026)

भारत

190

पाकिस्तान

170

रिपोर्ट के अनुसार भारत ने पिछले एक वर्ष में अपने परमाणु भंडार में वृद्धि की है। यह विस्तार चीन और पाकिस्तान से जुड़ी सुरक्षा चुनौतियों को ध्यान में रखकर किए जा रहे आधुनिकीकरण कार्यक्रम का हिस्सा माना जा रहा है।