भारतीय शेयर बाजार में उछाल, सेंसेक्स 76,480 के पार पहुंचा
भारतीय शेयर बाजार में जोरदार तेजी, सेंसेक्स 76,480 के पार; सोना ₹1.59 लाख और रुपया मजबूत
सोमवार, 25 मई 2026 को भारतीय शेयर बाजार में शानदार तेजी देखने को मिली। वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेत, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव कम होने की उम्मीदों ने निवेशकों का भरोसा मजबूत किया। एशियाई बाजारों और वॉल स्ट्रीट से मिले सकारात्मक संकेतों का असर भारतीय बाजारों पर भी साफ दिखाई दिया।
बीएसई सेंसेक्स लगभग 1.4 प्रतिशत की तेजी के साथ 76,480 के आसपास कारोबार करता दिखाई दिया, जबकि एनएसई निफ्टी 50 करीब 1.3 प्रतिशत उछलकर 24,020 के महत्वपूर्ण स्तर के पार पहुंच गया। बैंकिंग शेयरों में जबरदस्त खरीदारी देखने को मिली, जिसके चलते निफ्टी बैंक इंडेक्स करीब 2.2 प्रतिशत बढ़कर 55,240 के आसपास पहुंच गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में तनाव कम होने की उम्मीद से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति स्थिर रहने की संभावना बढ़ी है, जिसके कारण कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट देखने को मिली। भारत जैसे आयात-निर्भर देश के लिए कच्चे तेल की नरम कीमतें अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक मानी जाती हैं।
बैंकिंग और ऑयल शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी
सोमवार के कारोबार में वित्तीय और बैंकिंग शेयर बाजार की तेजी का प्रमुख केंद्र बने रहे। निवेशकों ने बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज कंपनियों में जमकर खरीदारी की।
विश्लेषकों के अनुसार, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आने वाले महीनों में महंगाई पर दबाव कम कर सकती है, जिससे भारतीय अर्थव्यवस्था को राहत मिलने की संभावना है।
तेल विपणन कंपनियों के शेयरों में भी अच्छी तेजी देखने को मिली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से इन कंपनियों के मार्जिन बेहतर होने की उम्मीद जताई जा रही है। इसके अलावा ऑटो, इंफ्रास्ट्रक्चर और कैपिटल गुड्स सेक्टर में भी मजबूत खरीदारी दर्ज की गई।
अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मजबूत हुआ रुपया
सोमवार को भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मजबूत हुआ। घरेलू मुद्रा लगभग ₹95.15 प्रति डॉलर के स्तर पर कारोबार करती दिखाई दी।
विशेषज्ञों के मुताबिक, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और विदेशी निवेशकों की संभावित खरीदारी ने रुपये को मजबूती प्रदान की। मजबूत रुपया आयात आधारित सेक्टरों जैसे एविएशन, इलेक्ट्रॉनिक्स और ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के लिए सकारात्मक माना जाता है।
भारतीय मुद्रा बाजार में प्रमुख विदेशी मुद्राओं के मुकाबले रुपये की स्थिति इस प्रकार रही:
- अमेरिकी डॉलर: ₹95.15 - यूरो: लगभग ₹108 - ब्रिटिश पाउंड: लगभग ₹127 - चीनी युआन: लगभग ₹13.2
वैश्विक केंद्रीय बैंकों की ब्याज दर नीतियों पर बाजार की नजर बनी हुई है, जिसके चलते मुद्रा बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है।
सोना और चांदी रिकॉर्ड ऊंचाई के करीब
शेयर बाजार में तेजी के बावजूद कीमती धातुओं की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोना करीब ₹1.59 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया।
वहीं चांदी की कीमतों में भी जोरदार तेजी बनी रही और यह लगभग ₹2.76 लाख प्रति किलोग्राम के स्तर तक पहुंच गई।
कमोडिटी विशेषज्ञों का मानना है कि भू-राजनीतिक तनाव कम होने के बावजूद वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, महंगाई और बढ़ते कर्ज जैसे कारक अभी भी सोना और चांदी को समर्थन दे रहे हैं। यही वजह है कि निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्प के तौर पर बुलियन बाजार की ओर आकर्षित हो रहे हैं।
एशियाई बाजारों में भी मजबूत तेजी
एशियाई शेयर बाजारों में सोमवार को मजबूत तेजी देखने को मिली। जापान का निक्केई 225 इंडेक्स लगभग 2.9 प्रतिशत उछला, जबकि चीन का शंघाई कंपोजिट इंडेक्स करीब 0.9 प्रतिशत मजबूत हुआ।
हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स और दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स भी हरे निशान में कारोबार करते दिखाई दिए।
विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक ऊर्जा कीमतों में नरमी और भू-राजनीतिक जोखिम कम होने की उम्मीद ने एशियाई बाजारों में निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है। इसका सकारात्मक असर भारतीय बाजारों पर भी पड़ा।
अमेरिकी बाजारों से मिला मजबूत समर्थन
पिछले कारोबारी सत्र में अमेरिकी शेयर बाजार भी मजबूती के साथ बंद हुए थे, जिससे वैश्विक निवेशकों का जोखिम लेने का रुझान बढ़ा।
डॉव जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज लगभग 0.58 प्रतिशत मजबूत हुआ, जबकि एसएंडपी 500 में 0.17 प्रतिशत और नैस्डैक कंपोजिट में 0.09 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।
अमेरिकी निवेशकों ने बॉन्ड यील्ड और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का स्वागत किया। साथ ही पश्चिम एशिया में जारी कूटनीतिक गतिविधियों पर भी बाजार की नजर बनी रही।
वॉल स्ट्रीट में आई मजबूती ने एशियाई और भारतीय बाजारों को सकारात्मक शुरुआत देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
भारतीय बाजार का आगे का आउटलुक
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। निवेशकों की नजर वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रम, कच्चे तेल की कीमतों और प्रमुख केंद्रीय बैंकों की नीतियों पर बनी रहेगी।
हालांकि मजबूत घरेलू मांग, बेहतर कॉर्पोरेट नतीजे और स्थिर आर्थिक संकेतकों के कारण भारतीय अर्थव्यवस्था का दीर्घकालिक दृष्टिकोण सकारात्मक बना हुआ है।
विदेशी निवेशकों की गतिविधियां, रुपये की चाल, महंगाई के आंकड़े और वैश्विक कमोडिटी बाजार आने वाले समय में भारतीय शेयर बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।
वैश्विक माहौल में सुधार और महत्वपूर्ण स्तरों पर बाजार की वापसी को देखते हुए आने वाले हफ्तों में भारतीय बाजार निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बने रह सकते हैं, हालांकि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण सतर्कता अभी भी जरूरी रहेगी।