दिल्ली में सरकारी कर्मचारियों के लिए 2 दिन वर्क फ्रॉम होम का आदेश
दिल्ली में सरकारी कर्मचारियों के लिए 2 दिन वर्क फ्रॉम होम का आदेश, निजी दफ्तरों का क्या होगा?दिल्ली सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील पर महत्वपूर्ण फैसला लिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार 14 मई को घोषणा की कि अब दिल्ली के सरकारी दफ्तरों में हर सप्ताह दो दिन वर्क फ्रॉम होम (WFH) रहेगा।
व्यवस्था लागू करने की एडवाइजरी जारी
यह कदम इकोनॉमी की स्थिरता बनाए रखने, ईंधन बचत और ट्रैफिक कम करने के उद्देश्य से उठाया गया है।सीएम रेखा गुप्ता ने स्पष्ट किया कि प्राइवेट सेक्टर को भी दो दिन वर्क फ्रॉम होम की सलाह दी गई है। जहां काम ऑनलाइन संभव हो, वहां निजी दफ्तरों को भी यह व्यवस्था लागू करने की एडवाइजरी जारी की गई है।
पेट्रोल-डीजल में 20 प्रतिशत की कटौती
लेबर विभाग इसकी निगरानी करेगा और अनुपालन सुनिश्चित करेगा। हालांकि यह अनिवार्य नहीं है, लेकिन सरकार निजी कंपनियों से सहयोग की अपील कर रही है।सरकार ने वाहन उपयोग पर भी सख्ती बरती है। सरकारी अधिकारियों और मंत्रियों के काफिलों में कमी की गई है। अधिकारियों को दिए जाने वाले पेट्रोल-डीजल में 20 प्रतिशत की कटौती की गई है।
50 प्रतिशत मीटिंग्स वर्चुअल रखी जाएंगी
जिन्हें 200-250 लीटर मासिक ईंधन मिलता था, अब उसमें कमी होगी। इसके अलावा एक दिन “नो व्हीकल डे” मनाया जाएगा। जो अधिकारी पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करेंगे, उन्हें 10 प्रतिशत का इंक्रीमेंट दिया जाएगा। बस रूट्स को बढ़ाया जाएगा ताकि अधिक से अधिक लोग सार्वजनिक परिवहन का लाभ उठा सकें।मुख्यमंत्री ने कहा कि 50 प्रतिशत मीटिंग्स वर्चुअल रखी जाएंगी।
उत्पादकता पर असर डालने वाला बता रही
कोर्ट से भी अपील की गई है कि अधिकाधिक सुनवाइयां वर्चुअल मोड में की जाएं। सोमवार को मेट्रो का अधिकतम उपयोग करने की सलाह दी गई है। अगले तीन महीनों तक बड़े इवेंट्स नहीं आयोजित किए जाएंगे। पर्यटकों को सुविधा देने के लिए विशेष ट्रैवल प्लान तैयार किया जाएगा।यह समग्र योजना ईंधन संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण और डिजिटल कार्य संस्कृति को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। निजी क्षेत्र के कर्मचारियों में मिश्रित प्रतिक्रिया है। कुछ कंपनियां इसे सकारात्मक मान रही हैं तो कुछ इसे उत्पादकता पर असर डालने वाला बता रही हैं।