सीजफायर के बाद पहली बार ईरान ने इजराइल पर मिसाइल अ

ईरान-इजराइल युद्ध फिर भड़का: सीजफायर के बाद पहला मिसाइल अटैक, इजराइल ने तेहरान-तबरीज पर किया पलटवार

अप्रैल 2026 में हुए युद्धविराम (सीजफायर) के बाद पहली बार ईरान और इजराइल के बीच सीधा सैन्य टकराव फिर से शुरू हो गया है। रविवार रात ईरान ने इजराइल पर मिसाइलों की बौछार की, जिसके जवाब में इजराइल ने सोमवार तड़के पश्चिमी और मध्य ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए। इससे मध्य पूर्व में एक बार फिर बड़े संघर्ष की आशंका बढ़ गई है।

ईरान ने दागीं मिसाइलें, इजराइल में बजे सायरन

ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, इजराइल की ओर कई मिसाइलें दागी गईं। हमले के बाद उत्तरी और मध्य इजराइल में एयर-रेड सायरन बज उठे और नागरिकों को बंकरों में जाने के निर्देश दिए गए। इजराइली सेना (IDF) का दावा है कि अधिकांश मिसाइलों को वायु रक्षा प्रणाली ने रास्ते में ही नष्ट कर दिया।

इजराइल का जवाबी हमला, तेहरान-तबरीज में धमाके

मिसाइल हमले के कुछ घंटों बाद इजराइली वायुसेना ने पश्चिमी और मध्य ईरान के सैन्य लक्ष्यों पर कार्रवाई की। ईरानी मीडिया और अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों के मुताबिक तेहरान, तबरीज, इस्फहान और कराज समेत कई शहरों में विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं। इजराइल ने कहा कि उसके निशाने पर सैन्य प्रतिष्ठान थे।

तेहरान एयरस्पेस बंद, क्षेत्रीय उड़ानों पर असर

हमलों के बाद ईरान ने तेहरान स्थित इमाम खोमैनी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के आसपास का एयरस्पेस बंद कर दिया। वहीं इराक ने 72 घंटे और सीरिया ने 12 घंटे के लिए अपना हवाई क्षेत्र बंद करने का फैसला लिया है। इससे पूरे क्षेत्र में विमानन गतिविधियां प्रभावित होने की आशंका है।

ट्रम्प ने नेतन्याहू से संयम बरतने को कहा

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा कि उन्होंने इजराइली प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu से तत्काल बड़े जवाबी हमले से बचने की अपील की थी। हालांकि इसके बावजूद इजराइल ने सैन्य कार्रवाई की। ट्रम्प ने दावा किया कि ताजा हमलों के बावजूद अमेरिका और ईरान के बीच जारी वार्ता प्रभावित नहीं होगी।

तनाव की वजह क्या बनी?

यह नया टकराव ऐसे समय हुआ जब इजराइल ने रविवार को बेरूत के दक्षिAणी उपनगरों में हिजबुल्लाह से जुड़े ठिकानों पर हमला किया था। ईरान ने इसे क्षेत्रीय संघर्ष का विस्तार बताते हुए जवाबी कार्रवाई की। विश्लेषकों का मानना है कि यह घटनाक्रम अप्रैल में हुए युद्धविराम के भविष्य पर बड़ा सवाल खड़ा कर सकता है।