ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई क

अब जो हालत बनेंगे तो जिम्मेदार अमेरिका: सीजफायर उल्लघन पर बोला ईरान

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पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है। ईरान ने अमेरिका पर युद्धविराम (सीजफायर) तोड़ने का आरोप लगाते हुए कहा है कि अमेरिकी सैन्य कार्रवाई पूरे क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता के लिए खतरा बन रही है। ईरानी विदेश मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि हालिया घटनाक्रम के बाद जो भी हालात पैदा होंगे, उसकी पूरी जिम्मेदारी अमेरिका की होगी।

ईरान का आरोप- रडार ठिकानों पर हुआ हमला

ईरानी विदेश मंत्रालय के अनुसार अमेरिका ने सीरिक क्षेत्र और केश्म द्वीप पर स्थित तटीय रडार एवं निगरानी केंद्रों को निशाना बनाया। तेहरान का दावा है कि यह कार्रवाई मौजूदा युद्धविराम समझौते का सीधा उल्लंघन है।सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में ईरान ने कहा कि अमेरिका तनाव कम करने के बजाय सैन्य गतिविधियों को बढ़ावा देकर क्षेत्रीय संघर्ष को और भड़का रहा है।

अमेरिका का दावा- ईरानी ड्रोन मार गिराए

दूसरी ओर अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने दावा किया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य के पास अंतरराष्ट्रीय समुद्री यातायात के लिए खतरा बन रहे दो ईरानी ड्रोन को मार गिराया गया। इससे पहले अमेरिका ने चार ईरानी ड्रोन नष्ट करने और केश्म द्वीप की रडार साइट्स पर कार्रवाई करने की भी बात कही थी।अमेरिका का कहना है कि क्षेत्र में तैनात उसकी सेनाएं अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कार्रवाई कर रही हैं।

ईरान ने दागीं बैलिस्टिक मिसाइलें

अमेरिकी दावों के बाद ईरान ने कुवैत और बहरीन की दिशा में सात बैलिस्टिक मिसाइलें दागने की कार्रवाई की। हालांकि संबंधित देशों और सहयोगी सेनाओं ने अधिकांश मिसाइलों को इंटरसेप्ट करने का दावा किया है।इस घटनाक्रम ने खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा चिंताओं को और बढ़ा दिया है।

ईरान-अमेरिका समझौता भी अटका

सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार संभावित ईरान-अमेरिका शांति समझौता 24 अरब डॉलर की फ्रीज ईरानी संपत्तियों को लेकर अटका हुआ है। ईरान चाहता है कि समझौते के साथ ही 12 अरब डॉलर जारी किए जाएं, जबकि अमेरिका इस पर अभी सहमत नहीं हुआ है।विश्लेषकों का मानना है कि आर्थिक और सैन्य दोनों मोर्चों पर बढ़ते तनाव के कारण किसी व्यापक समझौते की संभावना फिलहाल कमजोर पड़ती दिखाई दे रही है।