ममता बनर्जी की नेतृत्व वाली टीएमसी में विद्रोह की

क्या अकेली रह जाएगी ममता दीदी? सयानी-शत्रुघ्न बने बागी, कल्याण ने भी दिया अल्टीमेटम

क्या अकेली रह जाएगी ममता दीदी?

ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी के हाथों से पार्टी की कमान निकलती नजर आ रही है। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद नई सरकार के गठन के 1 महीने से भी कम वक्त में तृणमूल कांग्रेस 3 हिस्सों में बंट गई है। एक तरफ 80 विधायकों में से 60 विधायक पहले ही ममता दीदी का साथ छोड़कर बागी हो चुके हैं, वहीं दूसरी ओर तृणमूल कांग्रेस की लोकसभा सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने पिछले दिनों दावा किया कि उनके साथ 20 सांसद हैं और उन्होंने लोकसभा स्पीकर से सदन में अलग बैठाने की मांग की। 

ममता की बढ़ी मुश्किलें

बंगाल की सत्ता का 15 साल तक सिरमौर रहीं ममता बनर्जी और उनकी अगुवाई वाली पार्टी तृणमूल कांग्रेस काफी मुश्किल में हैं। एक के बाद एक नेता TMC से किनारा कर रहे हैं। 60 से अधिक विधायक बागी हो गए हैं। दिल्ली में लोकसभा सदस्यों ने भी पार्टी में बगावत का बिगुल फूंक दिया। शताब्दी, सयानी घोष, रचना, जून जैसी सिनेमा, टेलीविज़न जगत की मशहूर हस्तियों, 'स्टार पावर' पर ममता बनर्जी ने TMC की लोकप्रियता बढ़ाने के लिए सालों तक भरोसा किया, लेकिन दीदी के चुनाव हारते ही उन्होंने साथ छोड़ दिया। ममता की महिला ब्रिगेड अब बागी हो गई है। 

सयानी घोषी

एक और सांसद ने छोड़ा साथ

गुरुवार को एक और राज्यसभा सांसद प्रकाश चिक बड़ाईक ने इस्तीफा दे दिया है। पिछले 4 दिनों में 3 राज्यसभा सांसद ममता को छोड़कर जा चुके हैं। कल यानी 10 जून को सुष्मिता देव ने रिजाइन किया था। 8 जून को सुखेंदु शेखर ने राज्यसभा सदस्यता और TMC छोड़ी थी। अब तक TMC के लोकसभा में 28 में से 20 और राज्यसभा में 13 में से 3 सांसद, यानी कुल 23 सांसद टूट चुके हैं। वहीं, पश्चिमी बंगाल के 80 में से 58 TMC विधायक अलग गुट बना चुके हैं।

सयानी-शत्रुघ्न बने बागी

TMC की फाउंडर मेंबर्स में शामिल काकोली घोष दस्तीदार ने भी ममता का सालों पुराना साथ छोड़ दिया। उन्होंने न सिर्फ TMC से इस्तीफा दिया बल्कि खुलकर भ्रष्टाचार, संगठन के भीतर माहौल और RG कर केस जैसे संवेदनशील मुद्दों पर सवाल उठाए। काकोली घोष ने 28 में से 20 लोकसभा सांसदों के उनके साथ होने का दावा किया। TMC के 20 बागी लोकसभा सांसदों की लिस्‍ट में साइन करने वालों में सयानी भी शामिल हैं। बागी विधायकों में सयानी के साथ युसुफ पठान और शत्रुघ्न सिन्हा भी शामिल है। 

कल्याण बनर्जी की बगावत

ममता बनर्जी ने जिन कल्याण बनर्जी को चीफ व्हिप बनाने के लिए 40 साल पुरानी सहयोगी काकोली को पद से हटा दिया, अब वही कल्याण भी बगावत का झंडा बुलंद करते दिख रहे हैं। कल्याण बनर्जी ने TMC प्रमुख ममता बनर्जी को यह अल्टीमेटम दे दिया है कि या तो वह अभिषेक को चुन लें, या फिर मेरे जैसे वफादारों को। कल्याण बनर्जी ने कहा है कि ममता, अभिषेक बनर्जी को हटाएं। नहीं तो हम पार्टी में नहीं रह सकते। उन्होंने अभिषेक के खिलाफ फर्जी हस्ताक्षर केस से भी खुद को अलग करने का ऐलान किया और कहा कि अभिषेक ने कभी भी मुझपर भरोसा नही किया और आगे भी नहीं करेंगे। कल्याण ने कहा कि हम कल अभिषेक के केस के लिए तैयारी कर रहे थे और आधी रात मुझे बताया गया कि वकील बदल दिया गया है।