मानसून ने पकड़ी रफ्तार, लेकिन मध्य प्रदेश में बढ़ेगा इंतजार, केरलम में रेड अलर्ट
देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून ने आखिरकार रफ्तार पकड़ ली है। तीन दिन की देरी से केरलम पहुंचने के बाद मानसून अब कर्नाटक और गोवा तक सक्रिय हो गया है। हालांकि मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों के लिए इंतजार अभी लंबा हो सकता है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में मजबूत सिस्टम नहीं बनने से मानसून की गति धीमी पड़ सकती है।उधर, केरलम में भारी से अत्यधिक भारी बारिश को देखते हुए रेड अलर्ट जारी किया गया है, जबकि राजस्थान में प्री-मानसून आंधी और बारिश ने कहर बरपाया है। शुक्रवार को अलग-अलग घटनाओं में चार लोगों की मौत हो गई।
मध्य प्रदेश में मानसून की एंट्री में हो सकती है देरी
मौसम विभाग और निजी एजेंसी स्काईमेट के अनुसार मध्य प्रदेश में मानसून सामान्य समय से कुछ दिन देरी से पहुंच सकता है। फिलहाल प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय हैं और कई जिलों में तेज आंधी तथा बारिश का दौर जारी है।विशेषज्ञों के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में मजबूत निम्न दबाव क्षेत्र बनने पर ही मानसून को मध्य भारत की ओर तेजी मिलती है। वर्तमान में ऐसा कोई प्रभावी सिस्टम नहीं होने से मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में मानसून की प्रगति धीमी रह सकती है।प्रदेश में मानसून के 20 से 22 जून के बीच प्रवेश करने की संभावना जताई जा रही है।
केरलम से गोवा तक सक्रिय मानसून
मानसून 12 दिन तक केरलम तट से करीब 35 किलोमीटर दूर समुद्र में अटका रहा था। 4 जून को इसकी आधिकारिक एंट्री हुई। इसके बाद यह तेजी से आगे बढ़ते हुए गोवा पहुंच गया, जहां मानसून के पहुंचने की सामान्य तिथि 5 जून मानी जाती है।केरलम, तटीय कर्नाटक, तमिलनाडु और गोवा में लगातार तेज बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में तेजी से बढ़ेगा मानसून
मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार अगले तीन दिनों में मानसून असम, मेघालय, मिजोरम, त्रिपुरा, मणिपुर, नागालैंड, अरुणाचल प्रदेश और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों तक पहुंच सकता है। वहीं अगले 10 दिनों के भीतर बिहार, झारखंड और ओडिशा में मानसून के दस्तक देने की संभावना है।
मध्य प्रदेश में तेज आंधी का अलर्ट
मौसम विभाग ने गुना, सीहोर समेत कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। प्रदेश के अनेक हिस्सों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। साथ ही गरज-चमक और बारिश की संभावना भी बनी हुई है।पिछले 24 घंटों में हुई बारिश और बादल छाए रहने से अधिकांश शहरों का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे आ गया है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है।