NEET 2026 परीक्षा के पेपर लीक के बाद परीक्षा रद्द

NEET Paper Leak नेटवर्क का खुलासा, जानिए कहां से शुरु हुई कहानी, पूरी गैंग का खुलासा

NEET Paper Leak नेटवर्क

लाखों बच्चों की मेहनत पर पानी फिर गया। करोड़ों रुपए बर्बाद हो गए। National Testing Agency जो हर पेपर सही से करवाने का दावा करती है। एग्जाम देने वाले बच्चों की चेकिंग के लिए कड़े नियम बनाती है, बेल्ट नहीं लगा सकते, जूते नहीं पहन सकते, पार्दर्शी नहीं है तो पानी की बोटल अंदर नहीं लेकर जा सकते। पूरे बांह की शर्ट नहीं चलेगी, पहनी है तो काट दी जाएगी। घड़ी जूलरी उतार दे, बाल तक काट दिए जाते है। यहां तक कि पैर टूटा है प्लास्टर चढ़ा है तो उसे भी घर पर उतार कर आए। कुछ दिन पहले ये सब हमने देखा। नियमों के उपर नियम छात्रों पर लादे जा रहे थे,  औऱ छात्र सारे नियम मान भी रहे थे क्योंकि उनको NEET की परीक्षा देनी थी। सपना था की एक दिन डॉक्टर बनेंगे और लोगों का इलाज करना था। मां बाप का सपना पूरा करना था। सब कुछ सहते समझते हुए छात्रों को बदले में क्या मिला। 10 दिन भी नहीं हुए थे और NEET पेपर लीक और पेपर रद्द की खबरें आ गई। जिम्मेदार कौन है, पेपर लीक कैसे हुआ, और अब तक NTA और शिक्षा मंत्री ने क्या किया ये सब इस Article में जानेंगे। 

क्या है NTA?

 National Testing Agency जो NEET, UGC NET, JEE Mains, CUET समेत कई बड़े बड़े पेपर करवाती है। इस Agency को इसलिए बनाया गया था कि ये सभी पेपर सही तरीके से करवाए। वक्त बीतता गया और NTA लगातर दावे करती रही की। हमने ऐसी व्यवस्था बनाई है कि पेपर लीक हो ही नहीं सकता। यहां तक की सरकारें भी दावा करती रही की जब से हमारा शासन आया है तब से पेपर लीक हुआ ही नहीं है। 

खुलासा और बवाल

एक तरफ सरकार ऐसे दावें करती रही दूसरी तरफ पेपर लीक करने का काम चलता रहा। 3 मई को NEET UG परीक्षा हुई उससे ठीक 2 दिन पहले छात्रों को 600 नंबर के सवाल जवाब मिल गए थे। मीडिया रिपोर्ट्स में ये खुलासा हुआ और सोशल मीडिया पर बवाल मच गया। छात्रों के जीवन से खेलने की कहानी NEET में लगातार हर साल  खेली जा रही है। और इस बार भी वहीं हुआ। राजस्थान के सीकर से शुरू हुई एक मामूली सी घटना ने ऐसा खुलासा कर दिया, जिसने पूरे सिस्टम को हिला दिया. एक हॉस्‍टल मालिक को भेजा गया गेस पेपर बाद में असली NEET पेपर से मैच करने लगा और यहीं से सामने आया कथित पेपर लीक का वह नेटवर्क जो राजस्थान से लेकर हरियाणा, बिहार, महाराष्ट्र, जम्मू-कश्मीर, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना तक फैल गया। जांच में सामने आया कि पेपर 30 लाख रुपये में खरीदा और फिर करोड़ों के खेल में कई छात्रों तक पहुंचाया गया। 

केरल से सीकर पहुंचा पेपर

पूरा मामला 2 मई की रात से शुरू हुआ। राजस्थान के सीकर का छात्र जो फिलहाल केरल में MBBS की पढ़ाई कर रहा था उसे रात 11 बजे एक PDF मिली। इस PDF को NEET गेस पेपर बताया गया था। छात्र ने सोचा कि उसका तो कोई इस्तेमाल नहीं है इसलिए उसने यह PDF अपने पिता को भेज दी जो सीकर में NEET की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए हॉस्‍टल का संचालन करने हैं। उसने पिता से कहा कि अगर हॉस्‍टल में कोई NEET देने जा रहे हों तो यह उनके काम आ सकता है।अगले दिन हॉस्‍टल मालिक ने वहां रहने वाली 4 छात्राओं को यह PDF देने की कोशिश की, लेकिन तब तक वे परीक्षा केंद्र के लिए निकल चुकी थीं। 

सवाल हुए मैच

हॉस्‍टल मालिक को बाद में PDF एक केमिस्ट्री टीचर को भेज दी। परीक्षा खत्म होने के बाद जब टीचर ने असली पेपर से मिलान किया तो वह हैरान रह गए। क्योंकि केमिस्ट्री के 108 सवालों में से 45 सवाल हूबहू मैच हो रहे थे। इसके बाद मामले को और गंभीरता से लेते हुए बायोलॉजी टीचर से भी सवाल मिलवाए गए। बायो के 204 सवालों में से करीब 90 सवाल भी मैच हो रहे थे यानी कुल मिलाकर लगभग 135 सवाल असली पेपर से मेल खाते पाए गए। यहीं से शक गहराया कि यह कोई साधारण गेस पेपर नहीं बल्कि कथित तौर पर लीक हुआ NEET पेपर था। हॉस्‍टल मालिक और टीचर को मामला गंभीर लगा तो वे पुलिस के पास पहुंचे। लेकिन पुलिस ने शुरुआत में केस दर्ज करने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। बाद में नेशनल टेस्‍टिंग एजेंसी को मेल भेजकर पूरी जानकारी दी गई। 

प्रिंटिंग प्रेस से लीक 

शिकायत मिलने के बाद NTA की जांच में सामने आया कि NEET पेपर महाराष्ट्र के नासिक स्थित एक प्रिंटिंग प्रेस से लीक हुआ। वहां से यह पेपर गुरुग्राम की एक गैंग तक पहुंच गया। इसी गैंग ने अलग-अलग राज्यों में पेपर बेचने का नेटवर्क तैयार हो गया। राजस्थान में सबसे पहले जयपुर के जमवारामगढ़ के 2 भाइयों मांगीलाल और दिनेश ने 26 अप्रैल को यह पेपर करीब 30 लाख रुपये में खरीदा। दोनों भाइयों में से एक का राजनीति से भी संबंध बताया जा रहा है। 

पेपर लीक का नेटवर्क

जांच के मुताबिक भाइयों ने पेपर अपने बेटे को दिया जो सीकर में NEET की तैयारी कर रहा था। इसके बाद 29 अप्रैल को दोनों सीकर पहुंचे और वहां कई छात्रों और कोचिंग सेंटर्स को यह पेपर बेच दिया। बताया जा रहा है कि सीकर में कुछ कोचिंग संचालकों और छात्रों ने WhatsApp ग्रुप और Telegram चैनल के जरिए पेपर वायरल हुआ। पेपर की PDF के साथ-साथ उसकी प्रिंट कॉपी भी बेच दी गई। पेपर लीक नेटवर्क राजस्थान से बाहर भी फैल चुका था। हरियाणा के छात्र ने यह पेपर बिहार, जम्मू-कश्मीर, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना तक पहुंचाया गया। देहरादून से पकड़े गए राकेश का नाम भी सामने आया। बताया जा रहा है कि उसके चैनल से करीब 100 छात्र जुड़े हुए थे और वहीं से पेपर कई जगह वायरल हो गया। 

NTA से भरोसा उठा 

अब NEET UG 2026 परीक्षा रद्द मामले में फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की। इसमें सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में दोबारा परीक्षा कराने की मांग की। FAIMA ने कहा है कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी से अब भरोसा उठ चुका है। इसलिए मौजूदा गवर्निंग बॉडी का पुर्नगठन किया जाना चाहिए।  इधर, मामले की जांच कर रही CBI महाराष्ट्र के नासिक पहुंची। आरोपी शुभम खैरनार को कस्टडी में लिया। इधर, हरियाणा के गुरुग्राम से भी BAMS फर्स्ट ईयर के छात्र को राजस्थान पुलिस ने हिरासत में लिया है।

NTA के फैसले

NTA ने भी माना कि इस गड़बड़ी के लिए हम जिम्मेदार हैं। परीक्षा दोबारा कराई जाएगी। 6 से 8 दिन में नई तारीख का ऐलान होगा। केंद्र सरकार ने इस मामले की जांच CBI को सौंप दी है। NEET मामले में NTA ने 6 फैसले लिए। NEET UG परीक्षा वापस होगी, छात्रों को फिर अप्लाई नहीं करना पड़ेगा। अतिरिक्त परीक्षा शुल्क नहीं लगेगा। पहले से जमा फीस वापस की जाएगी। नए एडमिट कार्ड जारी करने का शेड्यूल जल्द जारी किया जाएगा। एग्जाम सेंटर नहीं बदले जाएंगे 

क्या बोले नेता?

नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अपने X पोस्ट में लिखा- सरकार विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को इनाम देती है, तरक्की देती है। मोदी जी और भाजपा आपके भविष्य की चोरी में साझेदार हैं। जिस बाजार में आपकी मेहनत, आपके सपने नीलाम हो रहे हैं, उसका एक ही उसूल है कि जितनी बड़ी चोरी, उतना बड़ा इनाम।

दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल: पेपर लीक मामलों में राजनीतिक संरक्षण है और पिछले नौ साल में NEET का पेपर चार बार लीक हुआ, लेकिन किसी भी आरोपी को सजा नहीं मिली। 

राजस्थान के पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने कहा NEET 2026 की परीक्षा रद्द हो गयी। 22 लाख से ज्यादा छात्रों की मेहनत, त्याग और सपनों को इस भ्रष्ट भाजपाई व्यवस्था ने कुचल दिया। 

सिस्टम में खोट

टेक्नॉलोजी इतनी आगे बढ़ गई है इसके बावजूद पेपर लीक हो जा रहा है। ये सवाल खड़े करता है कि कहीं ना कही सिस्टम में खोट है। और जो नीती बनाने वाले है उनको विचार करना चाहिए कि आगे क्या ऐसा किया जाए कि ऐसा कौनसा सिस्टम बनाया जाए कि बच्चों को ये विश्वास रहे की उनकी मेहनत बर्बाद नहीं होगी।