CBI ने NEET-UG 2026 के पेपर लीक मामले में 13 लोगों

NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में 2 और आरोपी गिरफ्तार, 5 राज्यों में बिका पेपर

NEET-UG 2026 पेपर लीक केस

NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में CBI ने 2 और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पहले आरोपी की पहचान डॉक्टर मनोज शिरूरे के रूप में हुई। वह लातूर के रहने वाले हैं। डॉ. मनोज ने एक कोचिंग सेंटर के मालिक के बेटे सहित 3 छात्रों को आरोपी पीवी कुलकर्णी से केमिस्ट्री के क्वेश्चन पेपर दिलाए थे।

49 जगहों पर तलाशी

पकड़ा गया दूसरा आरोपी तेजस हर्षदकुमार शाह है। वह पुणे स्थित कोचिंग सेंटर डॉ. अभंग प्रभु मेडिकल एकेडमी (APMA) में फिजिक्स का फैकल्टी है। उसे NEET UG 2026 परीक्षा के लीक हुए फिजिक्स के क्वेश्चन गिरफ्तार हुई मनीषा हवलदार से मिले थे। इस मामले में पूरी कड़ी और साजिश का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है। CBI ने अब तक अलग-अलग जगहों पर 49 जगहों पर तलाशी ली है और कई अहम दस्तावेज़, लैपटॉप और मोबाइल फोन जब्त किए हैं। इस मामले में अब तक कुल 13 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

5 राज्यों में बिका पेपर

CBI जांच में खुलासा हुआ है कि नीट का पेपर 5 राज्यों में बिका था। सबसे ज्यादा बिक्री महाराष्ट्र में हुई और दूसरा राजस्थान है। CBI का कहना है कि बाद पेपर लीक का मामला और बड़ा निकल सकता है। जांच एजेंसी अभी यह तय नहीं कर पा रही कि कितने छात्रों ने पेपर खरीदा था। CBI को महाराष्ट्र और राजस्थान में पेपर के प्रिंट निकालकर बेचने के सबूत मिले हैं। पेपर लीक का सबसे बड़ा केंद्र महाराष्ट्र था। यहीं से राजस्थान और दूसरे राज्यों तक ‘क्वेश्चन बैंक’ पहुंचा।

खातों की जांच

जांच एजेंसी अब उन पेरेंट्स की लिस्ट तैयार कर रही है, जिनके बैंक खातों से शिवराज मोटेगांवकर, पी.वी. कुलकर्णी या उनकी सहयोगी मनीषा वाघमारे (पुणे) के खातों में पैसे ट्रांसफर हुए थे। NTA के अलावा बाहर के कुछ किरदार अभी शक के दायरे में हैं। CBI जल्द ही दूसरे राज्यों में छापेमारी करेगी।