10 दिनों में तीसरी बार बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम, CNG भी हुई महंगी
देश में एक बार फिर पेट्रोल, डीजल और CNG की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। शनिवार 23 मई 2026 को पेट्रोल 87 पैसे प्रति लीटर और डीजल 91 पैसे प्रति लीटर महंगा हो गया। वहीं CNG की कीमत में भी 1 रुपए प्रति किलो की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। लगातार बढ़ती ईंधन कीमतों ने आम लोगों के घरेलू बजट पर दबाव बढ़ा दिया है।
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के बीच भारत में ईंधन महंगा हो रहा है। पिछले 10 दिनों में यह तीसरी बार है जब पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाए गए हैं। मई महीने में अब तक पेट्रोल और डीजल करीब 5 रुपए तक महंगे हो चुके हैं।
दिल्ली में क्या हो गई नई कीमतें?
राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 98.64 रुपए प्रति लीटर से बढ़कर 99.51 रुपए प्रति लीटर पहुंच गई है। वहीं डीजल 91.58 रुपए से बढ़कर 92.49 रुपए प्रति लीटर हो गया है।इसके अलावा CNG की कीमत भी बढ़कर 81.09 रुपए प्रति किलो हो गई है। लगातार दूसरी बार CNG महंगी होने से ऑटो, टैक्सी और कमर्शियल वाहन चालकों की चिंता बढ़ गई है।
10 दिनों में कितनी बढ़ी कीमतें?
15 मई को पेट्रोल, डीजल और CNG की कीमतों में एक साथ 3-3 रुपए की बड़ी बढ़ोतरी हुई थी। इसके बाद 19 मई को भी पेट्रोल 87 पैसे और डीजल 91 पैसे महंगा किया गया।अब 23 मई को फिर से कीमतों में इजाफा हुआ है। इस तरह 10 दिनों के भीतर पेट्रोल-डीजल लगभग 5 रुपए महंगे हो चुके हैं। इसका सीधा असर परिवहन खर्च और रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर पड़ सकता है।
मिडिल ईस्ट तनाव का भारत पर असर
विशेषज्ञों का मानना है कि मिडिल ईस्ट में जारी भू-राजनीतिक तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल महंगा हो रहा है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए वैश्विक तेल कीमतों में बदलाव का असर सीधे घरेलू बाजार पर दिखाई देता है।अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं, तो आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में और बढ़ोतरी संभव मानी जा रही है।
पेट्रोलियम मंत्रालय ने क्या कहा?
हाल ही में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर बयान जारी कर कहा था कि देश में पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है और सप्लाई पूरी तरह स्थिर बनी हुई है। मंत्रालय ने लोगों से अपील की थी कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और जरूरत के हिसाब से ही ईंधन खरीदें। मंत्रालय के मुताबिक ऑयल मार्केटिंग कंपनियां लगातार सप्लाई की निगरानी कर रही हैं ताकि किसी तरह की परेशानी न हो।
आम लोगों पर क्या पड़ेगा असर?
लगातार बढ़ती ईंधन कीमतों का असर सबसे ज्यादा मध्यम वर्ग और रोज कमाने-खाने वाले लोगों पर पड़ता है। पेट्रोल-डीजल महंगा होने से ट्रांसपोर्टेशन लागत बढ़ती है, जिसका असर सब्जियों, राशन और रोजमर्रा के सामान की कीमतों पर भी दिखाई देता है।वहीं CNG महंगी होने से ऑटो और कैब किराए में भी बढ़ोतरी हो सकती है। ऐसे में आने वाले दिनों में महंगाई का दबाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।