होर्मुज में बढ़ा युद्ध का खतरा: अमेरिका ने ईरानी रडार साइट्स पर किया हमला, ईरान ने दागीं 7 बैलिस्टिक मिसाइलें
मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट के पास ईरान की रडार और निगरानी साइट्स पर सैन्य हमला किया है, जिसके जवाब में ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने क्षेत्र में मिसाइल कार्रवाई का दावा किया है।अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार ईरान ने कुवैत और बहरीन की दिशा में 7 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। इनमें से 6 को हवा में ही इंटरसेप्ट कर लिया गया, जबकि सातवीं मिसाइल लक्ष्य तक नहीं पहुंच सकी।
अमेरिका ने पहले गिराए 4 ईरानी ड्रोन
CENTCOM के मुताबिक होर्मुज स्ट्रेट की ओर बढ़ रहे ईरान के चार वन-वे अटैक ड्रोन अमेरिकी सेना ने मार गिराए। इसके बाद संभावित खतरे को देखते हुए गोरुक और केश्म द्वीप पर मौजूद ईरानी तटीय निगरानी रडार साइट्स को निशाना बनाया गया। अमेरिका का दावा है कि यह कार्रवाई आत्मरक्षा और समुद्री यातायात की सुरक्षा के लिए की गई।
IRGC का पलटवार
ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने कहा कि अमेरिकी कार्रवाई के जवाब में दुश्मन ठिकानों पर एयरोस्पेस मिसाइलों से हमला किया गया। साथ ही IRGC ने यह भी दावा किया कि उसने होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे चार तेल टैंकरों में से एक को रोक दिया, जबकि बाकी तीन टैंकर वापस लौट गए। हालांकि अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि खुफिया एजेंसियों की ब्रीफिंग के अनुसार ईरान ने अपनी 33 में से 30 मिसाइल साइट्स फिर से सक्रिय कर ली हैं और उसके पास अभी भी लगभग 70 प्रतिशत मिसाइल भंडार मौजूद है।