अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ा, अमेरिकी सेना ने

अमेरिका ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर किया नया हमला

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अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। दोनों देशों के बीच संभावित समझौते को लेकर अंतिम दौर की बातचीत चल रही है, लेकिन इसी बीच अमेरिकी सेना ने दक्षिणी ईरान में सैन्य ठिकानों पर नए हमले किए हैं। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई होर्मुज स्ट्रेट के पास अमेरिकी सैनिकों और व्यावसायिक जहाजों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए की गई।

होर्मुज स्ट्रेट के पास एयरस्ट्राइक

अमेरिकी सैन्य अधिकारियों ने बताया कि बुधवार देर रात दक्षिणी ईरान के बंदर अब्बास क्षेत्र में एक सैन्य ठिकाने को निशाना बनाया गया। दावा किया गया कि यह ठिकाना अमेरिकी और अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए खतरा बन रहा था। रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिकी सेना ने वहां मौजूद ड्रोन कंट्रोल सिस्टम और सैन्य ढांचे पर मिसाइल हमले किए।

ईरानी ड्रोन मार गिराने का दावा

अमेरिका का कहना है कि हमले से पहले ईरान की तरफ से होर्मुज स्ट्रेट के पास कुछ व्यावसायिक जहाजों की दिशा में चार ड्रोन भेजे गए थे। अमेरिकी बलों ने इन ड्रोन को हवा में ही नष्ट कर दिया। इसके बाद जवाबी कार्रवाई करते हुए अमेरिकी सेना ने ईरानी सैन्य ठिकानों पर हमला किया।

सीजफायर के बावजूद जारी तनाव

इससे पहले सोमवार को भी अमेरिका ने ईरान की मिसाइल लॉन्च साइट्स और माइन्स बिछाने वाली बोट्स को निशाना बनाया था। हालांकि दोनों देशों के बीच औपचारिक रूप से सीजफायर अभी भी लागू है। बीते कुछ हफ्तों में कई बार दोनों पक्षों पर संघर्ष विराम उल्लंघन के आरोप लगे हैं, लेकिन स्थिति पूर्ण युद्ध में नहीं बदली।

डील पर बनी हुई उम्मीद

ईरानी मीडिया के अनुसार अमेरिका ने समझौते के लिए आवश्यक MoU तेहरान को भेज दिया है, जिस पर विचार किया जा रहा है। बातचीत का फोकस होर्मुज स्ट्रेट में समुद्री आवाजाही और क्षेत्रीय सुरक्षा व्यवस्था पर है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने भी संकेत दिया है कि ईरान को अंततः समझौता स्वीकार करना पड़ेगा।

ट्रंप बोले- चुनाव से नहीं पड़ेगा असर

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उनकी सरकार किसी जल्दबाजी में डील नहीं करेगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिका की रणनीति पर मिडटर्म चुनावों का कोई असर नहीं पड़ेगा और राष्ट्रीय सुरक्षा प्राथमिकता बनी रहेगी।