अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ा तनाव, ट्रंप बोले बातचीत फैल तो हमला तय, ईरान ने कहा-भरोसा नहीं
अमेरिका और ईरान के बीच जारी परमाणु वार्ता एक बार फिर तनाव के मोड़ पर पहुंच गई है। अमेरिका ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि अगर बातचीत विफल होती है तो सैन्य कार्रवाई की जा सकती है। जवाब में ईरान ने भरोसे की कमी का हवाला देते हुए किसी भी जल्दबाजी से इनकार किया है। दोनों देशों के बीच बयानबाजी के बीच पश्चिम एशिया में सुरक्षा हालात और अधिक संवेदनशील हो गए हैं।
अमेरिका की कड़ी चेतावनी: समझौता नहीं तो हमला संभव
अमेरिकी रक्षा मंत्री Pete Hegseth ने सिंगापुर में आयोजित एक समिट के दौरान कहा कि ईरान को परमाणु समझौते को स्वीकार करना होगा, वरना सैन्य विकल्प खुले हैं।अमेरिका का कहना है कि यदि बातचीत से समाधान नहीं निकलता, तो वह “बल प्रयोग” से पीछे नहीं हटेगा। यह बयान ऐसे समय आया है जब दोनों देश एक संभावित समझौते पर मतभेद सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं।
ईरान का जवाब: अमेरिका पर भरोसा नहीं, कोई जल्दबाजी नहीं
ईरान की तरफ से वार्ता का नेतृत्व कर रहे संसद स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf ने कहा कि तेहरान को अमेरिका पर भरोसा नहीं है और वह किसी भी तरह की जल्दबाजी में कोई कदम नहीं उठाएगा।ईरान का कहना है कि जब तक अमेरिका स्पष्ट और ठोस कदम नहीं उठाता, तब तक वार्ता आगे नहीं बढ़ेगी।
होर्मुज स्ट्रेट और ड्रोन विवाद से बढ़ा तनाव
तनाव के बीच रणनीतिक रूप से अहम होर्मुज स्ट्रेट में संदिग्ध गतिविधियों और सुरक्षा अलर्ट की खबरें सामने आई हैं। इसी दौरान ईरान ने दावा किया है कि उसने अमेरिकी MQ-1 ड्रोन को मार गिराया, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई है। होर्मुज स्ट्रेट से दुनिया के तेल और LNG आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है, ऐसे में किसी भी सैन्य टकराव का वैश्विक असर पड़ सकता है।