Indian para athlete Sumit Antil broke his own worl

Sumit Break Own Records: पैरा जैवलिन स्टार सुमित अंतिल ने रचा इतिहास, अपना ही वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ा

Sumit Break Own Records: पैरा जैवलिन स्टार सुमित अंतिल ने रचा इतिहास, अपना ही वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ा

Sumit Break Own Records: भारतीय पैरा एथलीट सुमित अंतिल ने एक बार फिर कमाल कर दिखाया। 27 मई बुधवार को बेंगलुरु में चल रही 8वीं इंडियन ओपन पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में उन्होंने पुरुषों की जैवलिन थ्रो F64 स्पर्धा में अपना ही विश्व रिकॉर्ड तोड़ दिया। सुमित ने पांचवें प्रयास में 74.82 मीटर का शानदार थ्रो किया।

अपना ही तोड़ा रिकॉर्ड 

सुमित अंतिल का पिछला विश्व रिकॉर्ड 73.29 मीटर का था, जो उन्होंने 2023 के एशियन पैरा गेम्स (हांगझोउ, चीन) में बनाया था। इस बार उन्होंने अपने पुराने रिकॉर्ड को 1.53 मीटर से बेहतर करते हुए नया कीर्तिमान स्थापित किया।

"पर्सनल बेस्ट के लिए आया था, रिकॉर्ड तोड़ दिया"

रिकॉर्ड थ्रो के बाद सुमित ने कहा - "काफी समय से सोच रहा था कि वर्ल्ड  रिकॉर्ड क्यों नहीं तोड़ पा रहा हूं। आज मैं यहां सिर्फ अपना पर्सनल बेस्ट करने आया था, लेकिन खुशी है कि मैंने अपना रिकॉर्ड करीब 1.5 मीटर बेहतर कर लिया।"  

उन्होंने आगे कहा कि- 'वह और उनकी टीम आने वाले पैरा एशियन गेम्स में और बेहतर प्रदर्शन करने की उम्मीद रखते'।

8 बार तोड़ा विश्व रिकॉर्ड

इस उपलब्धि के साथ सुमित अंतिल अब कुल 8 बार विश्व रिकॉर्ड तोड़ चुके हैं। उनके प्रमुख रिकॉर्ड इस प्रकार हैं , जून 2019 उन्होंने इटली में 60.45 मीटर (पहला विश्व रिकॉर्ड) का जेवलियन थ्रो करके पहला वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था। वही फिर  नवंबर 2019- दुबई में 62.88 मीटर मार्च 2021- बेंगलुरु में 66.90 मीटर टोक्यो पैरालंपिक 2021- एक ही मुकाबले में तीन बार रिकॉर्ड तोड़ा (66.95m, 68.08m, 68.55m) और गोल्ड मेडल जीता जुलाई 2023- पेरिस वर्ल्ड चैंपियनशिप में 70.83 मीटर अक्टूबर 2023- एशियन पैरा गेम्स में 73.29 मीटर मई 2026 - बेंगलुरु में 74.82 मीटर (नया रिकॉर्ड)

नीरज चोपड़ा और योगेश्वर दत्त से मिली प्रेरणा

हरियाणा के सोनीपत से ताल्लुक रखने वाले सुमित को 2021 में मेजर ध्यानचंद खेल रत्न और 2022 में पद्म श्री सम्मान से नवाजा जा चुका है। वे ओलंपिक मेडलिस्ट पहलवान योगेश्वर दत्त को अपना आदर्श मानते हैं और जैवलिन स्टार नीरज चोपड़ा से प्रेरणा लेते हैं।

पैरा जैवलिन F64 स्पर्धा क्या है?

पैरा जैवलिन दिव्यांग एथलीटों के लिए भाला फेंक की स्पर्धा है। F64 वर्ग में वे खिलाड़ी शामिल होते हैं जिनका एक पैर घुटने के नीचे से कटा होता है। ये एथलीट कार्बन फाइबर के बने कृत्रिम पैर (प्रोस्थेटिक) का इस्तेमाल करते हुए दौड़कर भाला फेंकते हैं। सुमित अंतिल का यह प्रदर्शन न सिर्फ भारत के लिए बल्कि पूरे पैरा एथलेटिक्स जगत के लिए प्रेरणादायक है।