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दिल्ली में ITO पर बनेंगे ट्विन टावर्स: एक ही छत के नीचे सिमटेंगे सरकारी दफ्तर, प्रशासन को मिलेगी 'फ्री रोड'

न्यूज़11 भारत  रांची/डेस्क: दिल्ली की प्रशासनिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है. राष्ट्रीय राजधानी के सबसे व्यस्ततम इलाकों में से एक, आईटीओ (ITO) में जल्द ही दो गगनचुंबी 'ट्विन टावर्स' का निर्माण होगा, जो दिल्ली सरकार का नया सचिवालय कॉम्प्लेक्स बनेगा. लोक निर्माण विभाग (PWD) ने इस महत्वाकांक्षी योजना को अंतिम रूप दिया है, जिसका उद्देश्य शहर के सभी प्रशासनिक कार्यालयों को एक ही छत के नीचे लाना है. इस प्रोजेक्ट पर करीब ₹2000 करोड़ की लागत आने का अनुमान है.

विकास मीनार की जगह लेंगे आधुनिक ट्विन टावर्स पीडब्ल्यूडी के अनुसार, ये ट्विन टावर्स लगभग 53,603 वर्ग मीटर क्षेत्र में फैले होंगे और वर्तमान में विकास मीनार तथा उससे सटे ब्लॉक की जगह लेंगे, जहां डीडीए (DDA) और डुसिब (DUSIB) जैसे कार्यालय मौजूद हैं. ये दोनों टावर एक-दूसरे से स्काई ब्रिज या अंडरपास के जरिए जुड़े रहेंगे. अधिकारियों ने बताया कि इन टावरों को आधुनिक फायर सेफ्टी सिस्टम, ऊर्जा की बचत करने वाले डिजाइन, सेंट्रलाइज्ड डेटा सेटअप और ग्रीन टेक्नोलॉजी जैसी सुविधाओं से लैस किया जाएगा.

प्रशासन की रफ्तार होगी दोगुनी एक अधिकारी ने इस प्रोजेक्ट पर उत्साह व्यक्त करते हुए कहा, "यह दिल्ली सरकार का नया नर्व सेंटर बनेगा. मुख्यमंत्री, कैबिनेट मंत्री, मुख्य सचिव, बड़े अधिकारी और सभी डिपार्टमेंट्स एक ही जगह होंगे. कुल मिलाकर, प्रशासन की रफ्तार दोगुनी हो जाएगी, जैसे ट्रैफिक जाम में फंसे दिल्ली वाले को अचानक फ्री रोड मिल जाए."

क्यों जरूरी है यह बदलाव? मौजूदा दिल्ली सचिवालय, जो विकास मार्ग पर स्थित है, 1982 में एशियाई खेलों के एथलीटों के लिए बनाया गया था. यह कॉम्प्लेक्स केवल 40,970 वर्ग मीटर में सिमटा है और अब बोझिल हो चुका है. राजस्व, लेबर, जीएसटी, शिक्षा और परिवहन जैसे कई महत्वपूर्ण विभाग शहर भर में किराए के या पुराने भवनों में बिखरे हुए हैं. इससे अधिकारियों का काफी समय बैठकों के लिए एक जगह से दूसरी जगह जाने में बर्बाद होता है. अधिकारी बताते हैं कि मौजूदा सचिवालय पुराना और छोटा है, जिसमें आधुनिक सुविधाओं का अभाव है. नई जगह से गवर्नेंस की गाड़ी सुचारु रूप से चलेगी.

मुख्यमंत्री ने किया था कन्फर्म यह आइडिया नया नहीं है, 2022 में भी आईटीओ रीडेवलपमेंट की बात हुई थी, लेकिन डिजाइन में बदलाव के कारण यह अटक गया था. हालांकि, पिछले महीने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने खुद कन्फर्म किया था कि नई साइट्स तलाशी जा रही हैं और आईटीओ की लोकेशन दिल्ली के प्रशासनिक दिल में होने के कारण यह टॉप पर है. 

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