राम मंदिर चढ़ावा: SIT ने सरकार को सौंपी रिपोर्ट, CM योगी लेंगे अंतिम फैसला
अयोध्या राम मंदिर दान विवाद की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सरकार को सौंप दी गई। CM योगी आदित्यनाथ की ओर से श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की मांग पर 3 सदस्यीय SIT गठित की गई थी। SIT ने अयोध्या में 6 दिनों तक रहकर जांच की। मामले में 5 दर्जन से अधिक लोगों से पूछताछ की गई। अब इस मामले में प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सौंपे जाने की बात सामने आई।
SIT ने सौंपी रिपोर्ट
राम मंदिर में चढ़ावे में चोरी की जांच के लिए गठित SIT ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट अपर मुख्य सचिव गृह और मुख्यमंत्री संजय प्रसाद को सौंपी है। राज्य सरकार की ओर से गठित SIT की अध्यक्षता लखनऊ के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत कर रहे हैं। टीम के अन्य सदस्यों में IG किरण एस. और वित्त विभाग के विशेष सचिव नील रतन शामिल हैं।
200 करोड़ से ज्यादा की चोरी
टीम ने बताया कि 150 पन्नों की यह शुरुआती रिपोर्ट है। इसमें 150 लोगों से पूछताछ की है। सूत्रों के अनुसार, SIT ने पिछले 5 साल के चढ़ावे का ऑडिट कराने की भी सिफारिश की। अब रिपोर्ट पर सीएम योगी अंतिम फैसला लेंगे। चढ़ावे में अनियमितता रोकने के लिए सुझाव दिए हैं। राम मंदिर चोरी मामले में 5 आरोपियों लवकुश, अवनीश, अनुकल्प, करुणे और रामशंकर उर्फ टिन्नू की निशानदेही पर 2 करोड़ की रिकवरी हो चुकी है। इसके अलावा, चंपत राय के करीबी के घर से सोना मिला था। शुरुआती अनुमानों के अनुसार, चोरी 200 करोड़ रुपए से ज्यादा की हो सकती है।
CM ने दिए थे निर्देश
SIT यानी स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम में लखनऊ कमिश्नर विजय विश्वास पंत (IAS), IG लखनऊ रेंज किरण शिवकुमार और UP फाइनेंस एंड अकाउंट्स सर्विस के विशेष सचिव (वित्त) नीलरतन कुमार शामिल हैं। SIT ने राम मंदिर की 6 दिनों तक जांच की थी। मंदिर ट्रस्ट की सिफारिश पर CM योगी ने 14 मई को SIT का गठन किया था।