‘गुरु-द्रोही’ करार दिए जाने के बाद घिरे पंजाब CM मान, BJP ने तेज की इस्तीफे की मांग
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान बुधवार को एक नए राजनीतिक और नैतिक विवाद के केंद्र में आ गए हैं। सिखों की सर्वोच्च धार्मिक संस्था श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा उन्हें कथित तौर पर ‘गुरु-द्रोही’ और ‘पंथ-विरोधी’ करार दिए जाने के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने उनके इस्तीफे की मांग तेज कर दी है। पार्टी का कहना है कि विवादित वीडियो को लेकर किए गए दावों के बाद अब मुख्यमंत्री के पास पद पर बने रहने का नैतिक आधार नहीं बचा है।
बुधवार को BJP के राष्ट्रीय महासचिव और राज्यसभा सांसद तरुण चुघ ने भगवंत मान पर निशाना साधते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने स्वयं जिस जांच प्रक्रिया पर भरोसा जताया था, उसी के निष्कर्ष अब उनके दावों के विपरीत सामने आए हैं। ऐसे में उन्हें नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।
विवादित वीडियो को लेकर शुरू हुआ था पूरा मामला
यह विवाद उस वीडियो से जुड़ा है, जिसमें कथित तौर पर सिख धर्म से जुड़ी सम्मानित हस्तियों और धार्मिक भावनाओं के अनादर का आरोप लगाया गया था। जब यह वीडियो पहली बार सार्वजनिक हुआ था, तब मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इसे पूरी तरह फर्जी करार दिया था। उन्होंने दावा किया था कि वीडियो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक के जरिए तैयार किया गया है और इसका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है।
तरुण चुघ ने कहा कि उस समय भगवंत मान स्वयं श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार के समक्ष उपस्थित हुए थे और किसी सक्षम एजेंसी से वीडियो की जांच कराने की मांग की थी। उनका स्पष्ट दावा था कि वीडियो नकली है और तकनीकी जांच से यह तथ्य सामने आ जाएगा।
फोरेंसिक जांच रिपोर्ट के बाद बदला घटनाक्रम
चुघ के अनुसार, 15 जून को पंथिक हस्तियों, संस्थाओं और विभिन्न सिख संगठनों के साथ हुई चर्चा के दौरान जांच से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए। विवादित वीडियो को देश की दो मान्यता प्राप्त फोरेंसिक प्रयोगशालाओं में परीक्षण के लिए भेजा गया था।
जांच रिपोर्ट में दोनों प्रयोगशालाओं ने निष्कर्ष निकाला कि वीडियो में किसी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं की गई थी। रिपोर्ट के मुताबिक वीडियो वास्तविक था और उसे AI तकनीक की मदद से तैयार नहीं किया गया था। BJP का कहना है कि जिस जांच की मांग स्वयं मुख्यमंत्री ने की थी, उसी के परिणाम अब उनके दावों को गलत साबित कर रहे हैं।
राजनीतिक और धार्मिक हलकों में बढ़ी चर्चा
फोरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा की गई टिप्पणी के बाद पंजाब की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। BJP ने इसे गंभीर नैतिक मुद्दा बताते हुए मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग दोहराई है। पार्टी का दावा है कि इस घटनाक्रम ने न केवल पंजाब की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है, बल्कि सिख समुदाय के बीच भी व्यापक चर्चा को जन्म दिया है।