पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने हाल ही में वायरल

विवादित वीडियो पर पंजाब CM मान का जवाब, बोले- “वीडियो में दिख रहा व्यक्ति मैं नहीं, मेरी नकल करने वाला अभिनेता”

विवादित वीडियो पर पंजाब CM मान का जवाब, बोले- “वीडियो में दिख रहा व्यक्ति मैं नहीं, मेरी नकल करने वाला अभिनेता”

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोशल मीडिया पर हाल ही में वायरल हुए विवादित वीडियो को लेकर लगे आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि वीडियो में दिखाई देने वाला व्यक्ति वह नहीं हैं, बल्कि उनकी तरह दिखने और उनके हाव-भाव की नकल करने वाला एक अभिनेता है। मुख्यमंत्री का कहना है कि इस वीडियो के जरिए उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई है।

पंजाब सीएम भगवंत मान

‘जानबूझकर रची गई साजिश’

एक वीडियो संदेश जारी करते हुए मान ने दावा किया कि संबंधित व्यक्ति के बालों और व्यक्तित्व को इस तरह प्रस्तुत किया गया कि लोगों को भ्रम हो सके कि वह स्वयं मुख्यमंत्री हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब एक सुनियोजित रणनीति के तहत किया गया, ताकि जनता के बीच गलत संदेश पहुंचाया जा सके और राजनीतिक लाभ हासिल किया जा सके।

फोरेंसिक जांच का दिया हवाला

मुख्यमंत्री ने बताया कि विवादित वीडियो की जांच दो स्वतंत्र फोरेंसिक प्रयोगशालाओं से कराई गई थी। उनके अनुसार, जांच के दौरान वीडियो के 1,191 फ्रेम का विश्लेषण किया गया। रिपोर्ट में चेहरे की बनावट, शारीरिक संरचना और अन्य दृश्य संकेतकों का मिलान किया गया, लेकिन ऐसा कोई सबूत नहीं मिला जिससे यह साबित हो सके कि वीडियो में मौजूद व्यक्ति वही हैं।

लंबाई और शारीरिक बनावट में अंतर का दावा

भगवंत मान ने कहा कि जांच रिपोर्ट में वीडियो में दिखाई देने वाले व्यक्ति की लंबाई और शारीरिक बनावट भी उनसे अलग पाई गई है। उनका कहना है कि जब बुनियादी शारीरिक विशेषताएं तक मेल नहीं खातीं, तो उन्हें इस वीडियो से जोड़ना पूरी तरह अनुचित है।

वीडियो की उत्पत्ति पर भी उठाए सवाल

मुख्यमंत्री ने यह भी सवाल खड़ा किया कि वीडियो कब और कहां रिकॉर्ड किया गया, इस बारे में अब तक कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। उन्होंने कहा कि वीडियो के स्रोत और उसकी प्रामाणिकता को लेकर कई सवाल हैं, जिनका जवाब मिलना अभी बाकी है।

विरोधियों पर साधा निशाना

मान ने आरोप लगाया कि उनकी सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों और फैसलों से कुछ लोग परेशान हैं। उन्होंने कहा कि यही वजह है कि उन्हें बदनाम करने और जनता के बीच भ्रम पैदा करने के लिए इस तरह के हथकंडे अपनाए जा रहे हैं।

आम आदमी पार्टी का चुनावी चिन्ह

इस मामले में आम आदमी पार्टी ने भी निष्पक्ष जांच की मांग की है। पार्टी नेताओं का कहना है कि वीडियो बनाने, संपादित करने और प्रसारित करने वाले लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की जानी चाहिए।