बिहार के भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में बदलते हालात

बैकफुट पर आई बिहार सरकार, भरत एनकाउंटर मामले में CM ने दिए निर्देश

भरत तिवारी एनकाउंटर मामला

बिहार के चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में घटनाक्रम तेजी से बदल रहा है। जिस मामले को लेकर कुछ दिन पहले तक पुलिस अपनी कार्रवाई को सही ठहरा रही थी, उसी मामले में अब हालात ऐसे बन गए हैं कि प्रशासन को सफाई देनी पड़ रही है। परिजनों के आरोप, लोगों में बढ़ता आक्रोश, सोशल मीडिया पर उठते सवाल और राजनीतिक दबाव के बीच आखिरकार राज्य सरकार को एक के बाद एक कई प्रशासनिक फैसले लेने पड़े।

सीएम ने दिए निर्देश

भरत एनकाउंटर को लेकर उठे विवाद के बीच सीएम सम्राट चौधरी के निर्देश के बाद जगदीशपुर के SDOP राजेश वर्मा को उनके पद से हटा दिया गया है। उन्हें अगले आदेश तक पुलिस मुख्यालय से अटैच कर दिया गया। उनकी जगह पंकज मिश्रा को नया SDOP बनाया गया। यह कार्रवाई ऐसे वक्त में हुई है जब एक दिन पहले ही भरत तिवारी की मां आशा देवी के आवेदन पर एनकाउंटर में शामिल पुलिस अधिकारियों और जवानों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था।

पुलिस की कहानी पर सवाल

17 जून को भोजपुर के शाहपुर में हुई पुलिस एनकाउंटर में भरत भूषण तिवारी की मौत हो गई थी। लेकिन वारदात के बाद से ही परिजनों और स्थानीय लोगों ने पुलिस की कहानी पर सवाल उठाने शुरू कर दिए। भरत तिवारी की मां आशा देवी लगातार यह आरोप लगाती रही हैं कि उनके बेटे की मौत किसी मुठभेड़ में नहीं, बल्कि पुलिस ने उसे घेरकर गोली मारी। मामले ने तब तूल पकड़ लिया जब सोशल मीडिया पर भरत के समर्थन में बड़ी संख्या में पोस्ट और वीडियो सामने आने लगे। देखते ही देखते यह मुद्दा भोजपुर से निकलकर पूरे राज्य में चर्चा का विषय बन गया।