बिहार पुलिस ने क्यों किया भरत तिवारी का एनकाउंटर, पहले बताया मानसिक रूप से अस्वस्थ, फिर चली गोलियां
बिहार के भोजपुर के शाहपुर थाना क्षेत्र में बिलौटी नाम का गांव है। भरत भूषण तिवारी इसी गांव का रहने वाला था। कुछ दिन पहले भरत भूषण ने एक फ़ेसबुक पोस्ट करके सरकारी कामकाज के तरीके पर नाराज़गी जताई थी और 1 अधिकारी का 'एनकाउंटर' करने की बात कही थी।
वीडियो में क्या?
भरत भूषण का यह पोस्ट वायरल होने के बाद पुलिस उसके घर गई। पुलिस का कहना है कि उन्होंने भरत को समझाने की कोशिश भी कि लेकिन भरत ने पिस्टल निकाल ली। एक वीडियो में भरत भूषण की मां भी अपने बेटे को समझाती नजर आ रही है। ये सभी वीडियो भरत भूषण ने अपने फ़ेसबुक पेज पर डाले गए।
मानसिक रूप से अस्वस्थ
16 जून को भोजपुर पुलिस ने बयान जारी किया। इसमें कहा गया, "पुलिस जब संबंधित व्यक्ति के घर पहुंची तो यह तथ्य सामने आया कि वह मानसिक रूप से अस्वस्थ है। उसे तत्काल उचित इलाज के लिए मानसिक आरोग्यशाला भेजने की आवश्यक प्रक्रिया शुरू कर दी है। भरत के पास मौजूद हथियार और व्यक्ति पर नियंत्रण का प्रयास किया जा रहा है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
पुलिस ने चलाई 4 गोलियां
लेकिन हुआ इसका ठीक उल्टा, भरत तिवारी के सरेंडर करने के बाद का एक वीडियो सामने आया, जिसमें साफ तौर पर देखा जा सकता है कि किस तरह से भरत ने पिस्टल को पुलिस को दे दिया। लेकिन इसके बाद भी उसे 4 गोलियां मारी गईं। जबकि वो निहत्था था। घायल भरत की इलाज के दौरान PMCH में मौत हो गई वहीं इस एनकाउंटर के बाद अब कई सवाल खड़े हो रहे हैं। खासतौर पर पुलिस ने इस एनकाउंटर में जिस तरह से एक्शन लिया, वो सवालों के घेरे में है।
क्यों की फायरिंग?
सवाल ये है कि भरत के आखिरी फेसबुक लाइव वीडियो में वह अपनी बंदूक पुलिस की ओर फेंककर सरेंडर करता दिख रहा है। जब भरत निहत्था था तो पुलिस ने फायरिंग क्यों की? पुलिस ने उसके दोनों घुटनों और जांघ पर गोली क्यों चलाई? क्या यह आत्मरक्षा में किया गया एनकाउंटर था या फिर कुछ और।