भरत तिवारी के एनकाउंटर सवाल, बिना जवाब दिए चले गए CM सम्राट
17 जून को हुए भरत तिवारी के एनकाउंटर को लेकर लगातार पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि सरेंडर के बाद भी पुलिस वालों ने भरत तिवारी को 4 गोली मारी। इस मामले में लापरवाही बरतने वाले 5 पुलिसकर्मियों को संस्पेंड कर दिया गया।
“नक्सली था मारा गया”
केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी ने X पर लिखा- दलितों का एंकाउंटर हो तो “नक्सली था मारा गया”, मुसलमान का एंकाउंटर हो तो “आतंकवादी था मारा गया”, ऐसा कहने वाले लोग ही भरत के एंकाउंटर पर सवाल उठा रहें हैं। पर सबसे बड़ा सवाल है कि आखिर भरत तिवारी के पास अवैध पिस्टल कहां से आया? किन लोगों के शह पर इस वारदात पर राजनीति हो रही है?
CM ने नहीं दिया जवाब
वहीं, मंगलवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से भरत तिवारी एनकाउंटर पर सवाल पूछा गया। पत्रकारों ने पूछा कि लोग इसे फेक एनकाउंटर बता रहे हैं। BJP के नेता भी इस पर सवाल उठा रहे हैं। पत्रकार बार-बार पूछते रहे, लेकिन सीएम सम्राट चौधरी ने भरत एनकाउंटर पर कोई जवाब नहीं दिया। वो गाड़ी में बैठे और निकल गए। दरअसल, CM श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर बीजेपी दफ्तर पहुंचे थे।
CM ने दिए जांच के आदेश
वहीं RJD के सीनियर लीडर मनोझ झा ने कहा कि हर एनकाउंटर सच का एनकाउंटर होता है। कोई अपराधी भी हो, उसके सिंडिकेट को पकड़ना है। उत्तरप्रदेश से सीख कर इसको यहां अप्लाई करने की कोशिश कर रहे हैं। बिहार की मिट्टी अलग है। प्रदेश में इस तरह से होगा तो हमेशा बिहार रिएक्ट करेगा। भरत तिवारी के एनकाउंटर के 5 दिन बाद CM सम्राट चौधरी ने मामले की न्यायिक जांच के आदेश दिए। मुख्यमंत्री सम्राट ने कहा कि हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज से जांच करवाई जाएगी। CM के बयान के 2 दिन बाद भी ना तो जांच के लिए किसी को नियुक्त किया गया है और ना ही इसे लेकर कुछ क्लियर किया गया।
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
इधर इस मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई की गई। जस्टिस नागरत्ना ने मामले में तुरंत सुनवाई से इनकार करते हुए कहा कि आप रजिस्ट्रार के सामने मेंशन करें। वो इस केस को सुनवाई के लिए लिस्ट करेंगे। कोर्ट के अधिवक्ता ने इस मामले में जनहित याचिका दायर कर एनकाउंटर की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच कराने की मांग उठाई। हालांकि अदालत ने इस मामले में जल्द सुनवाई से इनकार कर दिया है।