भोपाल और इंदौर के पुलिस कमिश्नरेट में डीसीपी स्तर

भोपाल-इंदौर कमिश्नरेट में डीसीपी के छह अहम पद खाली, पोस्टिंग को लेकर उठे सवाल

प्रदेश के दो सबसे महत्वपूर्ण पुलिस कमिश्नरेट भोपाल और इंदौर इन दिनों वरिष्ठ अधिकारियों की कमी से जूझ रहे हैं। दोनों शहरों में डीसीपी स्तर के तीन-तीन महत्वपूर्ण पद कई महीनों से रिक्त हैं। इनमें इंटेलिजेंस, ट्रैफिक और जोन जैसे संवेदनशील विभाग शामिल हैं। ऐसे में सवाल उठने लगे हैं कि आखिर इन पदों पर नियुक्तियां क्यों नहीं हो पा रही हैं। क्या राज्य शासन के पास पर्याप्त आईपीएस अधिकारी नहीं हैं या फिर इन जिम्मेदार पदों पर आने के लिए अधिकारी इच्छुक नहीं हैं।पुलिस कमिश्नरेट व्यवस्था लागू होने के बाद यह पहला अवसर माना जा रहा है, जब राजधानी भोपाल और इंदौर दोनों में एक साथ छह डीसीपी स्तर के पद लंबे समय से खाली हैं। फिलहाल इनकी जिम्मेदारियां अतिरिक्त प्रभार के जरिए संभाली जा रही हैं, जिससे प्रशासनिक कार्यों पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

भोपाल में इंटेलिजेंस से ट्रैफिक तक तीन पद रिक्त

भोपाल पुलिस कमिश्नरेट में डीसीपी जोन-1, डीसीपी इंटेलिजेंस और डीसीपी ट्रैफिक के पद खाली हैं।

डीसीपी जोन-1 का पद आईपीएस आशुतोष गुप्ता के रायसेन एसपी बनने के बाद से रिक्त है। डीसीपी इंटेलिजेंस का पद सोनाक्षी सक्सेना के सीहोर एसपी बनने के बाद खाली हुआ।डीसीपी ट्रैफिक का पद जितेंद्र पवार के सेवानिवृत्त होने के बाद से नहीं भरा गया।

इन तीनों पदों का कार्य फिलहाल अतिरिक्त प्रभार के माध्यम से संचालित किया जा रहा है।

इंदौर में भी तीन डीसीपी पदों पर नियुक्ति का इंतजार

इंदौर पुलिस कमिश्नरेट की स्थिति भी कमोबेश ऐसी ही है। यहां डीसीपी इंटेलिजेंस, डीसीपी ट्रैफिक और डीसीपी मुख्यालय के पद रिक्त हैं।

डीसीपी इंटेलिजेंस रहे राजेश व्यास के नीमच एसपी बनने के बाद यह पद खाली हुआ। प्रकाश चंद परिहार के पांढुर्ना एसपी बनने के बाद डीसीपी मुख्यालय का पद रिक्त है। डीसीपी ट्रैफिक अरविंद तिवारी के तबादले के बाद यह जिम्मेदारी भी स्थायी अधिकारी को नहीं सौंपी गई। फिलहाल इन पदों का अतिरिक्त प्रभार डीसीपी क्राइम राजेश त्रिपाठी संभाल रहे हैं।

वरिष्ठ स्तर पर भी अतिरिक्त प्रभार का सहारा

सिर्फ कमिश्नरेट ही नहीं, पुलिस मुख्यालय और अन्य वरिष्ठ स्तर के कई महत्वपूर्ण पद भी अतिरिक्त प्रभार के भरोसे चल रहे हैं। रवि कुमार गुप्ता विशेष पुलिस महानिदेशक (रेल) के साथ विशेष पुलिस महानिदेशक (प्रशिक्षण) एवं निदेशक, मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी भौंरी का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे हैं। मोहम्मद शाहिद अबसार अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (चयन एवं भर्ती) के साथ पीटीआरआई का अतिरिक्त प्रभार देख रहे हैं। असित यादव उप पुलिस महानिरीक्षक ग्वालियर रेंज ग्वालियर के साथ उप पुलिस महानिरीक्षक  वि.स.बल रेंज ग्वालियर, सूरज कुमार वर्मा पुलिस अधीक्षक जिला भिण्ड के साथ सेनानी 17वीं वाहिनी वि.स.बल भिण्ड, अनुराग सुजानिया पुलिस अधीक्षक जिला सागर के अलावा सेनानी 10वीं वाहिनी वि.स.बल सागर,  राजेश रघुवंशी पुलिस अधीक्षक, जिला मण्डला के साथ साथ सेनानी 35वीं वाहिनी, वि.स.बल, मण्डला, मयूर खण्डेलवाल पुलिस अधीक्षक जिला दतिया के साथ सेनानी, 29वीं वाहिनी, वि.स.बल, दतिया और आदित्य मिश्रा बालाघाट के पुलिस अधीक्षक होने के साथ हॉकफोर्स के सेनानी का अतिरिक्त दायित्व भी निभा रहे हैं।

लगातार बढ़ रहे अतिरिक्त प्रभार और खाली पदों को लेकर पुलिस महकमे में भी चर्चा है। अधिकारियों का मानना है कि कमिश्नरेट व्यवस्था में डीसीपी स्तर के पदों पर नियमित नियुक्तियां जल्द होना आवश्यक है, क्योंकि इंटेलिजेंस, ट्रैफिक और कानून-व्यवस्था जैसे संवेदनशील कार्य सीधे इन पदों से जुड़े हैं।