पटवारी तबादला सूची पर घमासान: सांसद आलोक शर्मा ने CM को लिखा पत्र, उच्च स्तरीय जांच की मांग
भोपाल जिले में हाल ही में जारी की गई पटवारियों की तबादला सूची को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। अब इस मामले में भोपाल सांसद आलोक शर्मा भी खुलकर सामने आ गए हैं। सांसद ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। उन्होंने तबादला प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए गंभीर अनियमितताओं की आशंका जताई है।
जिससे आम जनता में असंतोष बढ़ रहा
सांसद आलोक शर्मा ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि भोपाल जिले में भूमि सीमांकन, नामांतरण, नक्शा सुधार और अन्य राजस्व संबंधी कार्यों में लंबे समय से अनियमितताओं और अनावश्यक विलंब की शिकायतें मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि कई ऐसे पटवारी वर्षों से एक ही क्षेत्र में पदस्थ हैं, जिनके खिलाफ पहले भी शिकायतें सामने आ चुकी हैं। इसके बावजूद वे पुनः उसी क्षेत्र में पदस्थ हो गए हैं, जिससे आम जनता में असंतोष बढ़ रहा है।
25 से अधिक नामों में बदलाव कर दिया
दरअसल, 15 जून को भोपाल जिले के 46 पटवारियों की तबादला सूची जारी की गई थी। इसके अगले ही दिन संशोधित सूची जारी कर दी गई, जिसमें 25 से अधिक नामों में बदलाव कर दिया गया। इस बदलाव के बाद प्रशासनिक पारदर्शिता पर सवाल खड़े होने लगे। स्थानीय स्तर पर यह चर्चा तेज हो गई कि आखिर किन परिस्थितियों में इतनी बड़ी संख्या में नाम सूची से हटाए और जोड़े गए।
कलेक्ट्रेट के चक्कर लगाने पड़ते
सांसद ने पत्र में कहा कि आम नागरिकों को अपने राजस्व संबंधी कार्यों के लिए बार-बार पटवारी, तहसील और कलेक्ट्रेट के चक्कर लगाने पड़ते हैं। इससे शासन की कार्यप्रणाली पर भी प्रश्नचिह्न लगते हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।
साथ ही सांसद ने राजस्व विभाग में पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्ध कार्यप्रणाली सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने का भी आग्रह किया है। अब इस मामले में सरकार और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।