राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के कूनो नेशनल पार्क दौरे

राष्ट्रपति की मौजूदगी में खुले जंगल में छोड़े जा सकते हैं चीते! 21 जून को कूनो में राष्ट्रपति का रात्रि विश्राम

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मध्य प्रदेश दौरे पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, कूनो से ओंकारेश्वर तक तैयारियां तेज

श्योपुर। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के प्रस्तावित मध्य प्रदेश दौरे को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं। 21 जून को राष्ट्रपति श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क पहुंचेंगी और यहीं रात्रि विश्राम करेंगी। इस दौरान चीता परियोजना से जुड़ा एक बड़ा फैसला भी सामने आ सकता है। सूत्रों के मुताबिक, राष्ट्रपति की मौजूदगी में बोत्सवाना से लाए गए शेष चीतों को खुले जंगल में छोड़ा जा सकता है।

कूनो में बन सकता है ऐतिहासिक पल

चीता पुनर्वास परियोजना से जुड़े सूत्रों का कहना है कि कूनो राष्ट्रीय उद्यान में अभी कुछ चीते बड़े बाड़ों में रखे गए हैं। राष्ट्रपति के दौरे के दौरान इन्हें खुले जंगल में छोड़े जाने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि वन विभाग या प्रशासन की ओर से इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।यदि ऐसा होता है तो यह भारत की महत्वाकांक्षी चीता पुनर्वास परियोजना का एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जाएगा।

21 जून को ग्वालियर पहुंचेंगी, हेलीकॉप्टर से जाएंगी कूनो

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार राष्ट्रपति 21 जून को भारतीय वायुसेना के विशेष विमान से ग्वालियर पहुंचेंगी। वहां से सेना के हेलीकॉप्टर के जरिए कूनो राष्ट्रीय उद्यान के लिए रवाना होंगी।राष्ट्रपति उसी दिन कूनो में रात्रि विश्राम करेंगी। उनके ठहराव को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों, पुलिस और प्रशासन ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। पार्क परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को विशेष रूप से मजबूत किया जा रहा है।

22 जून को चीता प्रोजेक्ट से जुड़े कार्यक्रमों में लेंगी हिस्सा

22 जून की सुबह राष्ट्रपति कूनो राष्ट्रीय उद्यान में विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेंगी। इस दौरान वन्यजीव संरक्षण, जैव विविधता और चीता प्रोजेक्ट से जुड़े आयोजनों की संभावना है।वन विभाग के अधिकारियों को राष्ट्रपति के दौरे को लेकर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

पांच दिन के प्रवास में कई जिलों का दौरा

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 18 से 22 जून तक मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों का दौरा करेंगी। उनके कार्यक्रम में श्योपुर के अलावा Indore, Jabalpur, Betul और ग्वालियर शामिल हैं।

ओंकारेश्वर में दर्शन की भी संभावना

सूत्रों के अनुसार राष्ट्रपति का कार्यक्रम ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग में दर्शन और पूजा-अर्चना से भी जुड़ सकता है। इसे देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने प्रारंभिक तैयारियां शुरू कर दी हैं।राष्ट्रपति के प्रस्तावित दौरे वाले सभी जिलों में समन्वय बैठकें आयोजित की जा रही हैं ताकि सुरक्षा और व्यवस्थाओं में किसी प्रकार की कमी न रहे।