दतिया में फर्जी एंटी करप्शन इंस्पेक्टर बनकर सराफा कारोबारी से 29.50 लाख की ठगी, आरोपी गिरफ्तार
दतिया शहर में खुद को एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) झांसी का इंस्पेक्टर बताने वाले एक युवक ने सराफा कारोबारी को झांसे में लेकर 29.50 लाख रुपये की ठगी कर ली। आरोपी ने कारोबारी को उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज होने का डर दिखाया, फर्जी दस्तावेज और पहचान पत्र पेश किए तथा जेल भेजने की धमकी देकर अलग-अलग किश्तों में लाखों रुपये वसूल लिए। पीड़ित की शिकायत पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। कोर्ट से आरोपी का दो दिन का रिमांड भी प्राप्त किया गया है।
26 मई 2025 को 100 ग्राम सोना उसे सौंप दिया
भटियारा मोहल्ला निवासी सराफा कारोबारी प्रियांश सिंघल ने पुलिस को बताया कि जनवरी 2025 में ए.के. गुप्ता नामक व्यक्ति उसकी दुकान पर आया और उसके दिवंगत पिता पर 100 ग्राम सोना बकाया होने का दावा किया। पिता की प्रतिष्ठा को ध्यान में रखते हुए प्रियांश ने 26 मई 2025 को 100 ग्राम सोना उसे सौंप दिया।
रफा-दफा कराने के नाम पर पैसों की मांग शुरू कर दी
कुछ दिनों बाद एक व्यक्ति काली वर्दी पहनकर दुकान पर पहुंचा और खुद को एंटी करप्शन ब्यूरो झांसी का इंस्पेक्टर मनीष कुमार बताया। उसने कथित एफआईआर की प्रति और पहचान पत्र दिखाकर कहा कि ए.के. गुप्ता ने उसके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। आरोपी ने कार्रवाई और जेल भेजने का भय दिखाते हुए मामला रफा-दफा कराने के नाम पर पैसों की मांग शुरू कर दी।
ए.के. गुप्ता ने ऐसी किसी शिकायत से इनकार कर दिया
आरोपी ने पहले 10 लाख रुपये में मामला खत्म कराने की बात कही। इसके बाद अलग-अलग तारीखों में पांच-पांच लाख, दस लाख और फिर 4.50 लाख रुपये लेकर कुल 29.50 लाख रुपये ऐंठ लिए। मामले का खुलासा तब हुआ जब प्रियांश ने ए.के. गुप्ता से बातचीत की और उसे कथित शिकायत की जानकारी दी। ए.के. गुप्ता ने ऐसी किसी शिकायत से इनकार कर दिया।
विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी
संदेह होने पर प्रियांश झांसी स्थित एंटी करप्शन ब्यूरो कार्यालय पहुंचा, जहां पता चला कि मनीष कुमार नाम का कोई इंस्पेक्टर वहां पदस्थ नहीं है और उसके खिलाफ कोई मामला भी दर्ज नहीं है। इसके बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचना और धमकी समेत विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।