हरियाणा कैबिनेट के बड़े फैसले: नई ट्रांसफर पॉलिसी लागू, वाहन मालिकों को राहत, अवैध कॉलोनियों पर बनेगी विशेष समिति
चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इन फैसलों का सीधा असर सरकारी कर्मचारियों, वाहन मालिकों, शहरी विकास योजनाओं, महिला सशक्तिकरण और स्थानीय निकायों पर पड़ेगा। कैबिनेट ने नई मॉडल ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी (MOTP-2026) समेत कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी।
नई ट्रांसफर पॉलिसी के तहत कर्मचारियों के तबादलों के लिए 120 अंकों का कंपोजिट स्कोरिंग सिस्टम लागू किया जाएगा। इसमें आयु और कैडर अनुभव को 25-25 प्रतिशत वेटेज दिया गया है, जबकि अन्य मानकों को 50 प्रतिशत महत्व मिलेगा। पति-पत्नी मामलों में मेरिट अंक बढ़ाकर 10 कर दिए गए हैं। साथ ही टीचर्स ट्रांसफर पॉलिसी-2026 को भी मंजूरी प्रदान की गई है, जिससे स्थानांतरण प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित होगी।
10 वर्षों तक प्रभावी होगा
वाहन मालिकों को राहत देते हुए सरकार ने NCR क्षेत्र में पुराने वाहनों को बदलने पर कर छूट देने का फैसला किया है। ‘नया सफर योजना’ के तहत BS-6, इलेक्ट्रिक और CNG ट्रक-बस खरीदने पर 100 प्रतिशत मोटर वाहन कर छूट मिलेगी। वहीं पुराने या सेकेंड हैंड इलेक्ट्रिक एवं CNG वाहनों की खरीद पर 50 प्रतिशत कर छूट दी जाएगी। योजना के तहत रजिस्ट्रेशन शुल्क भी माफ रहेगा और यह लाभ अगले 10 वर्षों तक प्रभावी होगा।
व्यवस्था लागू करने का रास्ता साफ किया
शहरी विकास के क्षेत्र में सरकार ने यमुनानगर नगर निगम क्षेत्र की 2013 से पहले विकसित अवैध कॉलोनियों के समाधान के लिए विशेष समिति गठित करने का निर्णय लिया है। समिति कॉलोनियों की पहचान, सीमांकन और विकास संबंधी रिपोर्ट तैयार करेगी।
महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देते हुए हरियाणा राज्य महिला आयोग में गैर-सरकारी सदस्यों की संख्या 5 से बढ़ाकर 7 कर दी गई है। वहीं हरियाणा बागवानी नर्सरी नियम-2026 को मंजूरी देकर नर्सरियों के लिए गुणवत्ता मानक और QR कोड आधारित ट्रेसबिलिटी व्यवस्था लागू करने का रास्ता साफ किया गया है।
बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माने जा रहे
इसके अलावा दयालु-1 योजना में क्लेम जमा करने की समय सीमा 3 महीने से बढ़ाकर 6 महीने कर दी गई है। वहीं स्लॉटर हाउस और मीट दुकानों के लिए अलग व्यापार लाइसेंस की अनिवार्यता समाप्त कर दोहरी लाइसेंस व्यवस्था खत्म करने का भी निर्णय लिया गया है। ये फैसले प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।