हरियाणा की कैबिनेट बैठक में पटवारियों की ट्रेनिंग

हरियाणा कैबिनेट की अहम बैठक संपन्न: 15 एजेंडों पर मंथन, पटवारियों की ट्रेनिंग अवधि घटाने समेत कई बड़े फैसलों के संकेत

हरियाणा कैबिनेट की अहम बैठक संपन्न: 15 एजेंडों पर मंथन, पटवारियों की ट्रेनिंग अवधि घटाने समेत कई बड़े फैसलों के संकेत

हरियाणा सरकार की महत्वपूर्ण कैबिनेट बैठक सोमवार को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आयोजित की गई। करीब दो घंटे तक चली इस बैठक में लगभग 15 महत्वपूर्ण एजेंडों पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक के बाद विधायक दल की बैठक में शामिल होने पहुंचे कैबिनेट मंत्री राजेश नागर ने बताया कि अधिकांश एजेंडों पर विचार-विमर्श पूरा हो चुका है, हालांकि एक-दो प्रस्तावों में कुछ संशोधन की आवश्यकता महसूस की गई है।

ऐसे प्रस्तावों को अगली कैबिनेट बैठक में दोबारा लाया जाएगा। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी शाम 4 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से कैबिनेट के निर्णयों की आधिकारिक जानकारी देंगे।

पटवारियों की ट्रेनिंग अवधि घटाने पर गंभीर चर्चा

बैठक में मौजूद मंत्री

सूत्रों के अनुसार, बैठक में राजस्व विभाग में कर्मचारियों की कमी को दूर करने और ग्रामीण क्षेत्रों में पटवारियों की उपलब्धता बढ़ाने को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा हुई। सरकार ने नए भर्ती किए गए करीब 2600 पटवारियों की ट्रेनिंग अवधि 18 माह से घटाकर 12 माह करने के प्रस्ताव पर विचार किया है।

सरकार का मानना है कि लंबी प्रशिक्षण अवधि के कारण बड़ी संख्या में चयनित पटवारी समय पर फील्ड में तैनात नहीं हो पा रहे हैं। ऐसे में ट्रेनिंग अवधि कम होने से भूमि रिकॉर्ड, जमाबंदी, इंतकाल और अन्य राजस्व संबंधी मामलों के निपटारे में तेजी आने की उम्मीद है।

6 माह स्किलिंग और 6 माह फील्ड ट्रेनिंग का प्रस्ताव

प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार, कुल 12 माह के प्रशिक्षण कार्यक्रम में 6 माह स्किलिंग और 6 माह फील्ड ट्रेनिंग शामिल होगी। इसके अलावा प्रशिक्षण के दौरान मिलने वाले मासिक भत्ते को भी 10 हजार रुपये से बढ़ाकर 20 हजार रुपये किए जाने पर विचार किया गया है। सरकार को उम्मीद है कि इससे प्रशिक्षुओं के बीच ड्रॉपआउट की समस्या कम होगी और अधिक संख्या में प्रशिक्षित पटवारी विभाग को उपलब्ध हो सकेंगे।

सरकार द्वारा जारी आदेश

उल्लेखनीय है कि भर्ती किए गए लगभग 2600 पटवारियों का प्रशिक्षण जनवरी 2025 से जारी है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पहले ही पटवारी सम्मेलन में प्रशिक्षण अवधि कम करने की घोषणा कर चुके हैं। अब इस प्रस्ताव को औपचारिक मंजूरी मिलने की संभावना जताई जा रही है।

दयालु योजना में मिल सकती है बड़ी राहत

कैबिनेट एजेंडे में दयालु योजना-1 के तहत दावा दाखिल करने की समय-सीमा बढ़ाने का प्रस्ताव भी शामिल रहा। वर्तमान नियमों के अनुसार मृत्यु या दिव्यांगता की स्थिति में लाभ प्राप्त करने के लिए तीन माह के भीतर दावा प्रस्तुत करना अनिवार्य है। सरकार इस अवधि को बढ़ाकर छह माह करने पर विचार कर रही है, जिससे अधिक पात्र परिवार योजना का लाभ उठा सकेंगे।

नई शिक्षक तबादला नीति पर भी हुआ मंथन

बैठक में राज्य की नई शिक्षक तबादला नीति पर भी चर्चा हुई। शिक्षा विभाग द्वारा तैयार किए गए मसौदे में अविवाहित महिला शिक्षकों को अविवाहित होने के आधार पर मिलने वाले 10 अंकों को समाप्त करने का प्रस्ताव रखा गया है। इस मुद्दे को लेकर राज्यभर में बहस और विवाद का माहौल बना हुआ है। कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई, जिसके बाद सरकार अंतिम निर्णय ले सकती है।