झज्जर को 75.37 करोड़ की विकास सौगात, हरियाणा CM सैनी ने 9 परियोजनाओं का किया लोकार्पण
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने झज्जर जिले को विकास की बड़ी सौगात देते हुए 75 करोड़ 37 लाख रुपये की लागत से तैयार नौ महत्वपूर्ण परियोजनाओं का उद्घाटन किया। महाराणा प्रताप जयंती के अवसर पर आयोजित भव्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि ये परियोजनाएं केवल निर्माण कार्य नहीं हैं, बल्कि क्षेत्र में कृषि, बागवानी, शिक्षा और जनसुविधाओं के नए युग की शुरुआत का प्रतीक हैं।
मुख्यमंत्री ने भारत माता के अमर सपूत और वीर योद्धा महाराणा प्रताप को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका जीवन संघर्ष, स्वाभिमान और अटूट संकल्प का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि संसाधनों की कमी कभी भी मजबूत इच्छाशक्ति को कमजोर नहीं कर सकती और यही प्रेरणा विकास कार्यों को गति देने का आधार बन रही है।
झज्जर में बनेगा बागवानी अनुसंधान का नया केंद्र
कार्यक्रम की सबसे प्रमुख उपलब्धि झज्जर के रइया गांव में स्थापित महाराणा प्रताप उद्यान विश्वविद्यालय के अत्याधुनिक बागवानी अनुसंधान केंद्र का उद्घाटन रहा। करीब 100 एकड़ क्षेत्र में फैला यह केंद्र 13.27 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया गया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि यह केंद्र न केवल झज्जर बल्कि पूरे हरियाणा के किसानों के लिए अनुसंधान, नवाचार और आधुनिक तकनीक का प्रमुख केंद्र बनेगा। यहां अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं में फल, सब्जी और पुष्प फसलों की उन्नत किस्मों पर शोध किया जाएगा, जिससे किसानों को बेहतर उत्पादन और आय के नए अवसर मिलेंगे।
उन्होंने बताया कि इससे पहले जींद, अंबाला, सोनीपत और करनाल में भी ऐसे अनुसंधान केंद्र स्थापित किए जा चुके हैं, जबकि चरखी दादरी में निर्माणाधीन केंद्र जल्द ही तैयार हो जाएगा। इसके अलावा मुनीमपुर में पुष्प उत्पादन एवं बीज उत्पादन प्रौद्योगिकी उत्कृष्टता केंद्र का भी शुभारंभ किया गया।
‘हरित क्रांति’ से आगे ‘वैल्यू क्रांति’ की ओर बढ़ रहा हरियाणा
मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलते समय में केवल पारंपरिक खेती पर्याप्त नहीं है। अब कृषि क्षेत्र को मूल्य संवर्धन और बागवानी आधारित विकास की दिशा में आगे बढ़ाना होगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कृषि विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
उन्होंने बताया कि पिछले साढ़े 11 वर्षों में हरियाणा में बागवानी क्षेत्र का व्यापक विस्तार हुआ है। इजराइली तकनीक पर आधारित 14 उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किए जा चुके हैं, जिनकी मदद से किसान फल, सब्जी, फूलों की खेती और मधुमक्खी पालन में नई उपलब्धियां हासिल कर रहे हैं।
प्राकृतिक खेती को मिलेगा नया प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि अब केवल खेती तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह एक बड़े एग्री-बिजनेस का रूप ले चुकी है। इसी सोच के तहत प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए कुरुक्षेत्र, जींद, सिरसा और करनाल में प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए गए हैं।
उन्होंने जानकारी दी कि हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के सहयोग से कुरुक्षेत्र में 2,000 एकड़ क्षेत्र में ‘स्मार्ट एग्रीकल्चर’ परियोजना के तहत प्राकृतिक खेती शुरू की जाएगी। वहीं, मोरनी ब्लॉक को प्राकृतिक और जैविक खेती के मॉडल क्षेत्र के रूप में विकसित किया जा रहा है।
बादली विधानसभा क्षेत्र के लिए कई अहम घोषणाएं
मुख्यमंत्री ने बादली विधानसभा क्षेत्र के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में 50 बेड का आधुनिक अस्पताल बनाया जाएगा। साथ ही भिंडावास स्टेडियम को ‘आदर्श स्टेडियम’ के रूप में विकसित कर चरणबद्ध तरीके से आधुनिक खेल सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
सड़क और आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के लिए 70 किलोमीटर लंबी 31 सड़कों के नवीनीकरण का कार्य कराया जाएगा। मार्केटिंग बोर्ड की सड़कों का भी उन्नयन किया जाएगा, जबकि माछरौली में नए बीडीपीओ भवन का निर्माण होगा।
महाग्राम योजना के तहत बादली गांव में 50 करोड़ रुपये की लागत से सीवर लाइन और 13 करोड़ रुपये की लागत से पेयजल आपूर्ति परियोजना शुरू की जाएगी। इसके अलावा गांव के अन्य विकास कार्यों के लिए मुख्यमंत्री ने अतिरिक्त 5 करोड़ रुपये की विशेष अनुदान राशि देने की घोषणा भी की।