महिला ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से लगाई न्याय की गुहार, CM डॉ यादव ने लिया तुरंत एक्शन
इंदौर में मेट्रो परियोजना के लिए चल रहे भूमि अधिग्रहण के बीच एक संवेदनशील मामला सामने आया है। कलेक्ट्रेट में आयोजित जनसुनवाई के दौरान एक महिला ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सामने पहुंचकर मेट्रो परियोजना से जुड़े अधिकारियों पर मुआवजा वितरण में भेदभाव करने का आरोप लगाया। महिला की शिकायत सुनने के बाद मुख्यमंत्री ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और न्याय दिलाने का आश्वासन दिया।
10 मकानों का अधिग्रहण प्रस्तावित
जानकारी के अनुसार, इंदौर के बड़ा गणपति क्षेत्र में मेट्रो स्टेशन निर्माण के लिए कुल 10 मकानों का अधिग्रहण प्रस्तावित है। इनमें से नौ मकानों के मामलों का निपटारा प्रशासन और मकान मालिकों के बीच सहमति से हो चुका है, लेकिन एक महिला मकान मालिक ने मुआवजे की राशि को लेकर गंभीर आपत्ति जताई है।
तो उसे अधिक मुआवजा मिल सकता था
महिला का आरोप है कि उसके मकान के बदले प्रशासन द्वारा केवल 16 लाख रुपये का मुआवजा प्रस्तावित किया गया है, जबकि आसपास के अन्य मकान मालिकों को 40 लाख रुपये तक का मुआवजा दिया गया है। उसने दावा किया कि जब उसने इस अंतर को लेकर अधिकारियों से सवाल किया, तो उसे कथित रूप से कहा गया कि यदि उसका बेटा होता तो उसे अधिक मुआवजा मिल सकता था।
अधिकारों से वंचित किया जाएगा
इस कथित टिप्पणी से आहत महिला ने मुख्यमंत्री के सामने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि उसकी तीन बेटियां हैं और वह यह समझ नहीं पा रही कि बेटा न होने की वजह से उसके साथ अलग व्यवहार क्यों किया जा रहा है। महिला ने सवाल उठाया कि क्या बेटियों वाले परिवारों को उनके अधिकारों से वंचित किया जाएगा।
वैधानिक अधिकार दिलाया जाएगा
महिला की शिकायत सुनने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मामले को गंभीरता से लिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी नागरिक के साथ लैंगिक आधार पर भेदभाव स्वीकार नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को पूरे मामले की जांच कराने के निर्देश दिए और भरोसा दिलाया कि यदि किसी प्रकार की अनियमितता या अन्याय सामने आता है तो उचित कार्रवाई की जाएगी तथा महिला को उसका वैधानिक अधिकार दिलाया जाएगा।
यह मामला सामने आने के बाद मेट्रो परियोजना की मुआवजा प्रक्रिया को लेकर नई बहस शुरू हो गई है।