सोशल मीडिया पर मदद की गुहार पहुंची मुख्यमंत्री तक, गंभीर बीमार मजदूर के इलाज का मिला सहारा
झारखंड के गुमला जिले से मानवता और प्रशासनिक संवेदनशीलता की एक मिसाल सामने आई है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो का संज्ञान लेते हुए गंभीर रूप से बीमार प्रवासी मजदूर जगन्नाथ तिर्की के इलाज के लिए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। वीडियो में उनकी पत्नी रोहिणी कुजूर को गुमला सदर अस्पताल के बाहर राहगीरों से आर्थिक मदद मांगते हुए देखा गया था।
जांचों का खर्च उठाना मुश्किल
कटासारू जोखर गांव निवासी जगन्नाथ तिर्की अपने परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य हैं। वे लंबे समय से गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं और गुमला सदर अस्पताल में उनका उपचार चल रहा है। जांच में उन्हें लिवर सिरोसिस से पीड़ित पाया गया। परिवार के पास राशन कार्ड और आयुष्मान भारत स्वास्थ्य कार्ड नहीं होने के कारण इलाज और जरूरी जांचों का खर्च उठाना मुश्किल हो गया था।
रोहिणी कुजूर ने बताया कि सीटी स्कैन जैसी जांच कराने के लिए उनके पास पैसे नहीं थे, इसलिए मजबूरी में उन्हें लोगों से मदद मांगनी पड़ी। सोशल मीडिया पर यह वीडियो सामने आने के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने तत्काल गुमला उपायुक्त दिलेश्वर महतो को मामले की जांच करने और मरीज को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
आयुष्मान कार्ड बनवाने की प्रक्रिया शुरू
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद उपायुक्त, अतिरिक्त कलेक्टर, सिविल सर्जन और अस्पताल प्रशासन की टीम ने अस्पताल पहुंचकर मरीज की स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने इलाज में किसी प्रकार की कमी नहीं रहने देने का आश्वासन दिया। साथ ही जगन्नाथ तिर्की का राशन कार्ड तत्काल जारी करने और आयुष्मान कार्ड बनवाने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी
उपायुक्त ने बताया कि मरीज का सीटी स्कैन निशुल्क कराया जाएगा और जरूरत पड़ने पर आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी। अस्पताल प्रशासन के अनुसार मरीज का उपचार निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत जारी है और उनकी स्थिति में सुधार भी देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री की त्वरित पहल से अब परिवार को राहत मिलने की उम्मीद जगी है।