विश्व सिकल सेल दिवस: ओंकारेश्वर में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शामिल,CM डॉ यादव मौजूद
विश्व सिकल सेल दिवस के अवसर पर मध्यप्रदेश के ओंकारेश्वर में शुक्रवार को राज्य स्तरीय भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। कार्यक्रम में राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी उपस्थित रहे। इस अवसर पर सिकल सेल एनीमिया जैसी गंभीर अनुवांशिक बीमारी के उन्मूलन के लिए प्रदेश में चलाए जा रहे व्यापक अभियान की उपलब्धियों को साझा किया गया तथा भविष्य की रणनीति पर चर्चा की गई।
देश के अग्रणी राज्यों में शामिल
मध्यप्रदेश सिकल सेल रोग की पहचान, उपचार और जागरूकता के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो चुका है। जनजातीय बहुल क्षेत्रों में चलाए गए विशेष स्क्रीनिंग अभियान के तहत अब तक 1 करोड़ 32 लाख 43 हजार 877 से अधिक लोगों की जांच की जा चुकी है। जांच के दौरान 39 हजार 948 सिकल सेल रोगियों और 2 लाख 42 हजार 648 कैरियर की पहचान की गई है। इसके अलावा 1 करोड़ 20 लाख 28 हजार 881 से अधिक सिकल सेल कार्ड वितरित किए गए हैं, जिससे रोगियों की पहचान और उपचार प्रक्रिया को व्यवस्थित बनाया जा सके।
बीमारी के प्रति जागरूक करने का कार्य किया जा रहा
प्रदेश सरकार ने समुदाय स्तर पर जागरूकता बढ़ाने के लिए 3,700 से अधिक "सिकल मित्रों" को प्रशिक्षित किया है। ये प्रशिक्षित स्वयंसेवक प्रभावित परिवारों तक स्वास्थ्य सेवाओं, उपचार और परामर्श की जानकारी पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। विशेष रूप से जनजातीय क्षेत्रों में लोगों को समय पर जांच कराने और बीमारी के प्रति जागरूक करने का कार्य किया जा रहा है।
उन्मूलन अभियान को तकनीक से भी जोड़ा गया
सिकल सेल उन्मूलन अभियान को तकनीक से भी जोड़ा गया है। नेशनल सिकल सेल पोर्टल के माध्यम से स्क्रीनिंग, ट्रैकिंग और डिजिटल मॉनिटरिंग की व्यवस्था विकसित की गई है, जिससे मरीजों की नियमित निगरानी और समय पर उपचार सुनिश्चित हो रहा है। इसके साथ ही गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं की जांच को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए कई नवाचार लागू किए गए हैं, ताकि आने वाली पीढ़ियों को इस बीमारी से बचाया जा सके। प्रदेश सरकार का लक्ष्य सिकल सेल मुक्त मध्यप्रदेश का निर्माण करना है।