MP में UCC को लेकर तैयारियां तेज: CM डॉ. मोहन ने कहा- मुस्लिम भाई-बहनों से भी आ रहे अच्छे सुझाव
मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर सरकार ने अपनी तैयारी तेज कर दी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संकेत दिए हैं कि राज्य सरकार शीतकालीन सत्र से पहले UCC विधेयक को विधानसभा में पेश कर पारित कराने का प्रयास करेगी। मुख्यमंत्री का कहना है कि एक देश में अलग-अलग समुदायों के लिए अलग-अलग कानून होना उचित नहीं है और सभी नागरिकों के लिए समान कानून की व्यवस्था समय की मांग है।
UCC लागू करने की दिशा में गंभीरता से काम कर रही
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि जब देश एक है, संविधान एक है और सभी नागरिकों को समान अधिकार प्राप्त हैं, तो अलग-अलग व्यक्तिगत कानूनों की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार UCC लागू करने की दिशा में गंभीरता से काम कर रही है।
एक समिति का गठन किया
सरकार ने इस संबंध में एक समिति का गठन किया है, जो समाज के विभिन्न वर्गों से सुझाव एकत्र कर रही है। मुख्यमंत्री के अनुसार अब तक लाखों सुझाव प्राप्त हो चुके हैं और लगातार लोगों की राय ली जा रही है। उन्होंने बताया कि मुस्लिम समाज सहित विभिन्न समुदायों के लोगों से भी सकारात्मक और महत्वपूर्ण सुझाव मिले हैं, जिनका गंभीरता से अध्ययन किया जा रहा है।
लिव-इन रिलेशनशिप जैसे विषयों पर लोगों की राय मांगी
इसी कड़ी में मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रदेशभर में सर्वे अभियान भी शुरू किया गया है। गांव-गांव जाकर नागरिकों से सुझाव लिए जा रहे हैं। सर्वे में नाम, धर्म, जिला, पता और मोबाइल नंबर सहित जानकारी दर्ज की जा रही है। 12 प्रश्नों वाले इस फॉर्म में महिलाओं के अधिकार, तलाक, विवाह और लिव-इन रिलेशनशिप जैसे विषयों पर लोगों की राय मांगी जा रही है।
प्रस्तावित UCC विधेयक पर टिकी हुई
आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और शिक्षकों को फॉर्म भरवाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रत्येक कर्मचारी को प्रतिदिन 10 फॉर्म भरवाने का लक्ष्य दिया गया है। सरकार का दावा है कि सभी वर्गों की राय के आधार पर ऐसा कानून तैयार किया जाएगा जो सभी नागरिकों के लिए समान और न्यायपूर्ण हो। अब प्रदेश की राजनीति और जनता की नजरें समिति की रिपोर्ट और प्रस्तावित UCC विधेयक पर टिकी हुई हैं।