मध्य प्रदेश में यूसीसी लागू करने की तैयारी तेज, सुझाव देने की समय-सीमा आज समाप्त
भोपाल। मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने की दिशा में सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। यूसीसी को लेकर नागरिकों और विभिन्न संगठनों से ऑनलाइन सुझाव प्राप्त करने की अंतिम तिथि आज, 22 जून है। इसके साथ ही राज्य सरकार आगामी जुलाई में होने वाले विधानसभा सत्र में यूसीसी विधेयक पेश करने की तैयारी में जुट गई है।
विभिन्न आयोगों के सदस्यों के साथ विस्तृत चर्चा की
यूसीसी के मसौदे को अंतिम रूप देने के लिए सोमवार को भोपाल में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई है। नरोन्हा प्रशासन अकादमी में होने वाली इस बैठक की अध्यक्षता न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई करेंगी। बैठक में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों, धर्मगुरुओं, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों तथा विभिन्न आयोगों के सदस्यों के साथ विस्तृत चर्चा की जाएगी।
अधिकारी अपने सुझाव प्रस्तुत करेंगे
सरकार का उद्देश्य सभी वर्गों और हितधारकों की राय लेकर ऐसा मसौदा तैयार करना है जो व्यापक सहमति और सामाजिक समरसता को ध्यान में रखे। बैठक के दौरान महिला एवं बाल विकास से जुड़े आयोगों के प्रतिनिधि, मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के सदस्य और भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी अपने सुझाव प्रस्तुत करेंगे।
अपने सुझाव और पक्ष रखने को कहा
कार्यक्रम के अनुसार दोपहर के सत्र में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ विचार-विमर्श होगा, जबकि शाम के सत्र में विभिन्न धर्मों के धर्मगुरुओं से चर्चा की जाएगी। इसके अलावा सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) ने सभी अतिरिक्त मुख्य सचिवों, प्रमुख सचिवों और सचिवों को निर्देश जारी कर समिति के समक्ष यूसीसी से संबंधित अपने सुझाव और पक्ष रखने को कहा है।
राज्य सरकार यूसीसी का प्रारूप तैयार कर 20 जुलाई से प्रस्तावित विधानसभा सत्र में विधेयक के रूप में प्रस्तुत करने की योजना बना रही है। इस प्रक्रिया को प्रदेश में एक महत्वपूर्ण विधायी पहल माना जा रहा है।