मध्य प्रदेश सरकार ने उज्जैन में स्थायी सिंहस्थ मेल

उज्जैन में बनेगा स्थायी सिंहस्थ कार्यालय, किसानों को शून्य ब्याज ऋण योजना जारी रखने पर फैसला आज

मध्य प्रदेश सरकार उज्जैन को धार्मिक और प्रशासनिक दृष्टि से और अधिक महत्व देने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। मंगलवार को मंत्रालय में आयोजित होने वाली कैबिनेट बैठक में उज्जैन में स्थायी सिंहस्थ मेला कार्यालय स्थापित करने का प्रस्ताव रखा जाएगा। धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग का संचालनालय पहले ही भोपाल से उज्जैन स्थानांतरित किया जा चुका है, जिसके बाद अब सिंहस्थ से जुड़े कार्यों के लिए स्थायी कार्यालय बनाने की तैयारी की जा रही है।

इसकी तैयारियां पहले ही पूरी कर ली गई

प्रस्ताव के अनुसार सिंहस्थ मेला कार्यालय अब केवल मेले के दौरान ही सक्रिय नहीं रहेगा, बल्कि पूरे वर्ष नियमित रूप से कार्य करेगा। यह कार्यालय हर 12 वर्ष में आयोजित होने वाले सिंहस्थ महाकुंभ और 6 वर्ष में होने वाले अर्धकुंभ की तैयारियों, विकास कार्यों, योजनाओं और प्रबंधन की सतत निगरानी करेगा। सरकार का मानना है कि स्थायी कार्यालय बनने से सिंहस्थ आयोजन की व्यवस्थाएं अधिक प्रभावी और व्यवस्थित ढंग से संचालित की जा सकेंगी। प्रशासनिक स्तर पर इसकी तैयारियां पहले ही पूरी कर ली गई हैं।

किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के माध्यम से ऋण प्राप्त करते हैं

कैबिनेट बैठक में किसानों से जुड़ा एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव भी रखा जाएगा। सहकारिता विभाग की ओर से वर्ष 2026-27 में शून्य प्रतिशत ब्याज कृषि ऋण योजना जारी रखने का प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाएगा। इस योजना का लाभ प्रदेश के 24 लाख से अधिक किसानों को मिलता है, जो सहकारी बैंकों से किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के माध्यम से ऋण प्राप्त करते हैं।

मंत्रियों के बीच विचार-विमर्श किया जाएगा

योजना के तहत किसान निर्धारित समय सीमा में ऋण चुकाते हैं तो उन्हें ब्याज नहीं देना पड़ता। ब्याज की पूरी राशि राज्य सरकार वहन करती है। इससे किसानों को खेती के लिए सस्ती वित्तीय सहायता उपलब्ध होती है और कृषि लागत कम करने में मदद मिलती है।

इसके अलावा मंत्रिमंडल की बैठक में लगभग 10 अन्य प्रस्तावों पर भी चर्चा और निर्णय होने की संभावना है। साथ ही प्रदेश से जुड़े विभिन्न समसामयिक और विकासात्मक मुद्दों पर भी मंत्रियों के बीच विचार-विमर्श किया जाएगा।