नगरासू गुरुद्वारे में तीसरे दिन भी निहंगों का कब्जा जारी, प्रशासन कर रही हटाने की कोशिश
उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले स्थित नगरासू गुरुद्वारा साहिब में निहंग सिंहों और गुरुद्वारा प्रबंधन के बीच विवाद तीसरे दिन भी जारी रहा। गुरुद्वारे की चौथी मंजिल पर डटे निहंग हथियारों और ईंट-पत्थरों के साथ मौजूद हैं, जबकि जिला प्रशासन लगातार उनसे बातचीत कर शांतिपूर्ण समाधान निकालने का प्रयास कर रहा है। हालांकि अभी तक निहंग गुरुद्वारा परिसर छोड़ने को तैयार नहीं हुए हैं।
तोड़फोड़ तथा मारपीट की घटनाओं को अंजाम दिया
विवाद की शुरुआत ऋषिकेश के एक गुरुद्वारे में हुई कथित मारपीट की घटना से जुड़ी बताई जा रही है। निहंगों का आरोप है कि कुछ सेवादार धार्मिक मर्यादाओं का पालन नहीं कर रहे थे, जिसके विरोध के दौरान विवाद बढ़ गया। दूसरी ओर गुरुद्वारा प्रबंधन का कहना है कि निहंगों का उद्देश्य गुरुद्वारे पर कब्जा करना था और उन्होंने परिसर में तोड़फोड़ तथा मारपीट की घटनाओं को अंजाम दिया।
सिख श्रद्धालुओं को परेशान किया
निहंगों का दावा है कि कर्णप्रयाग में हुई एक घटना के बाद सिख श्रद्धालुओं को परेशान किया जा रहा था, जिसके विरोध में वे यहां पहुंचे थे। वहीं गुरुद्वारा प्रबंधन का आरोप है कि निहंगों ने सेवादारों के साथ मारपीट की, संपत्ति को नुकसान पहुंचाया और कुछ लोगों को बंधक भी बनाया।
कई लोग घायल हुए
दरअसल, 16 जून को कर्णप्रयाग बाजार में एक सड़क दुर्घटना के बाद स्थानीय लोगों और कुछ निहंगों के बीच विवाद हो गया था। मामला हिंसक झड़प में बदल गया, जिसमें कई लोग घायल हुए थे। इसके बाद स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन कर राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम भी लगाया था।
20 जून को नगरासू गुरुद्वारे में तनाव बढ़ने के बाद पुलिस, पीएसी और आईटीबीपी के जवानों को तैनात किया गया। प्रशासन का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है और चारधाम यात्रा भी सुचारू रूप से जारी है। अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की अपील की है।