नैनीताल की प्रमुख नैनीझील का ऑक्सीजन स्तर खतरनाक र

नैनीझील में ऑक्सीजन संकट गहराया, एरियेशन सिस्टम फेल

नैनीझील में ऑक्सीजन संकट गहराया

नैनीताल की धड़कन 'नैनीझील' आज खुद सांसों के संकट से जूझ रही है। पहाड़ों और पर्यटन की पहचान मानी जाने वाली इस झील में ऑक्सीजन का स्तर गिर रहा है। इसकी सबसे बड़ी वजह है झील में लगा 19 साल पुराना एरियेशन सिस्टम जो अब पूरी तरह जवाब दे चुका है। अगर वक्त रहते इसे दुरुस्त नहीं किया गया, तो झील का पूरा जलीय पारिस्थितिकी तंत्र तबाह हो सकता है। 

क्यों लगवाया एरियेशन सिस्टम?

2007 में झील में गिरते सीवर, नालों की गंदगी और अनियोजित निर्माण के कारण पानी में 'डिजाल्व्ड ऑक्सीजन' का स्तर खतरनाक रूप से कम हो गया था। तब बड़ी संख्या में मछलियां मरने लगी। इससे निपटने के लिए झील की तलहटी तक ऑक्सीजन पहुंचाने वाला आधुनिक एरियेशन सिस्टम लगाया गया। 

एरियेशन ट्यूब फटी

वहीं पिछले 14 सालों से रखरखाव को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई गई। नतीजा यह रहा कि झील के भीतर लगी अधिकांश एरियेशन ट्यूब फट चुकी हैं और ऑक्सीजन सप्लाई करने वाली डिस्क जाम हैं।झील में ऑक्सीजन लेवल बनाए रखने के लिए साल 2007 में ये खास उपकरण और डिस्क अमेरिका से मंगवाए गए। वारंटी खत्म होने के बाद 2018 से लगातार जिला विकास प्राधिकरण शासन पत्र लिखकर उपकरण बदलने की मांग की जा रही थी, लेकिन फाइलें लगातार सरकारी दफ्तरों में ही घूमती रहीं।